जंग में तेल नहीं पानी बना ‘हथियार’: US-Israel हमलों से टेंशन में ईरान, शहर खाली करने की नौबत !

Edited By Updated: 05 Mar, 2026 01:57 PM

iran s confirms u s israeli strikes damaged water and electricity

अमेरिका-इज़राइल हमलों में ईरान के जल और बिजली ढांचे को नुकसान पहुंचने की पुष्टि हुई है। ऊर्जा मंत्री ने नागरिकों से पानी-बिजली बचाने की अपील की है। पहले से ही भीषण जल संकट झेल रहे ईरान के लिए यह हमला गंभीर खतरा बन सकता है, क्योंकि पानी को अब रणनीतिक...

International Desk: अमेरिका और इज़राइल के हमलों से ईरान के पानी और बिजली से जुड़े कई महत्वपूर्ण ढांचे क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके बाद सरकार ने नागरिकों से पानी और बिजली का सीमित उपयोग करने की अपील की है।ईरान के ऊर्जा मंत्री ने हमलों की पुष्टि की और चेतावनी दी कि युद्ध के बीच बुनियादी सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है और अगर लोग संसाधन बचाकर उपयोग नहीं करेंगे तो कई क्षेत्रों में आपूर्ति संकट पैदा हो सकता है।ईरान पहले से ही गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। देश के कई हिस्सों में लगातार सूखा पड़ा है। राजधानी तेहरान समेत कई प्रांतों में जल भंडार तेजी से घट रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ईरान दुनिया के सबसे अधिक जल-तनाव वाले देशों में शामिल है। ईरान में पानी की समस्या का कारण सिर्फ सूखा नहीं है बल्कि पुराना जल ढांचा, भूमिगत जल का अत्यधिक दोहन, कृषि में अत्यधिक पानी की खपत भी बड़ी वजहें हैं।

 

विश्लेषकों का कहना है कि आधुनिक युद्धों में पानी को अब रणनीतिक संसाधन माना जा रहा है। यदि किसी बड़े समुद्री जल शुद्धिकरण (desalination) प्लांट या जल आपूर्ति प्रणाली पर हमला होता है, तो बड़े शहरों में पीने के पानी की आपूर्ति रुक सकती है औऱ कुछ ही दिनों में लोगों को शहर छोड़ना पड़ सकता है। मध्य पूर्व के कई देशों की तरह ईरान भी आंशिक रूप से ऐसे संयंत्रों और सीमित जल संसाधनों पर निर्भर है।विशेषज्ञों के अनुसार अगर युद्ध लंबा चला तो पानी और बिजली की कमी, कृषि उत्पादन में गिरावट, बड़े पैमाने पर पलायन व सामाजिक अशांति जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।यही वजह है कि अब इस संघर्ष में तेल से ज्यादा पानी को सबसे बड़ा रणनीतिक जोखिम माना जा रहा है।
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!