Edited By Pardeep,Updated: 26 Feb, 2026 11:25 PM

मध्य पूर्व में ईरान को लेकर जारी तनाव के बीच अमेरिका ने एक अहम रणनीतिक कदम उठाया है। पहली बार अमेरिका ने अपने अत्याधुनिक F-22 रैप्टर स्टेल्थ लड़ाकू जेट्स को Israel के एयरबेस पर तैनात किया है। यह कदम संभावित युद्ध की तैयारी का संकेत माना जा रहा है।
इंटरनेशनल डेस्कः मध्य पूर्व में ईरान को लेकर जारी तनाव के बीच अमेरिका ने एक अहम रणनीतिक कदम उठाया है। पहली बार अमेरिका ने अपने अत्याधुनिक F-22 रैप्टर स्टेल्थ लड़ाकू जेट्स को Israel के एयरबेस पर तैनात किया है। यह कदम संभावित युद्ध की तैयारी का संकेत माना जा रहा है।
मध्य पूर्व में शक्ति प्रदर्शन
कम से कम 12 अमेरिकी F-22 स्टेल्थ फाइटर इज़राइल के दक्षिणी एयरबेस पर उतरे हैं, जहां वे क्षेत्रीय सुरक्षा तथा संभावित हमलों के जवाब में तैनात किए गए हैं। यह तैनाती अमेरिका की बढ़ती सैन्य उपस्थिति का हिस्सा है, जिसमें कई प्रकार के एयर और नेवल संसाधन पहले से ही क्षेत्र में भेजे जा चुके हैं।
F-22 रैप्टर को दुनिया के सबसे उन्नत एयर सुपीरियरिटी स्टेल्थ विमान के रूप में जाना जाता है। यह विमान रडार से बचकर उड़ान भरने, दुश्मन एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने और ज़रूरत पड़ने पर सटीक हमला करने की क्षमता रखता है।
ईरान के साथ तनाव
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम तथा मिसाइलों को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। अमेरिका ने ईरान को हाल के दौर की बातचीत में परमाणु हथियार नहीं बनाने की चेतावनी दी है और अगर कूटनीति विफल होती है तो सैन्य विकल्प भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
इज़राइल के रक्षा अधिकारियों का मानना है कि अगर तनाव वार में बदलता है तो यह तैनाती महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। वहीं, इज़राइल और अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग पहले से ही मजबूत है और यह कदम उसे और गहरा कर सकता है।
रणनीतिक मायने
विशेषज्ञों के अनुसार यह तैनाती सिर्फ रक्षा की तैयारी नहीं, बल्कि एक स्पष्ट संदेश भी है कि अमेरिका और उसके मिलिट्री साझेदार ईरान पर किसी भी सम्भावित हमले या जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार हैं। यह F-22 विमान अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सैन्य संतुलन दोनों पर असर डाल सकता है।