Edited By Tanuja,Updated: 09 Apr, 2026 04:18 PM

ईरान के परमाणु प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने कहा है कि यूरेनियम संवर्धन का अधिकार अमेरिका के साथ किसी भी समझौते के लिए जरूरी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देश पाकिस्तान में वार्ता करने वाले हैं और सीजफायर को स्थायी बनाने की कोशिश चल रही है।
International Desk: अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम वार्ता से पहले ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ईरान की परमाणु एजेंसी के प्रमुख Mohammad Eslami ने साफ कहा है कि यूरेनियम संवर्धन (enrichment) का अधिकार किसी भी बातचीत का अनिवार्य हिस्सा है। तेहरान में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह ऐसा मुद्दा है जिस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उनका इशारा अमेरिका के उस रुख की ओर था, जिसमें वह ईरान को यूरेनियम संवर्धन की अनुमति देने के खिलाफ है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में वार्ता होने वाली है। इस बैठक में दोनों देश हाल ही में हुए दो हफ्ते के युद्धविराम को स्थायी शांति समझौते में बदलने की कोशिश करेंगे। ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और उसे यूरेनियम संवर्धन का पूरा अधिकार है।
वहीं, अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को आशंका है कि इसी तकनीक का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में भी किया जा सकता है। इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं और यही विवाद कई बार तनाव और टकराव का कारण बना है। अब जब सीजफायर के बाद बातचीत का मौका मिला है, तब भी यह मुद्दा सबसे बड़ी बाधा बनता नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस मुद्दे पर सहमति नहीं बनी, तो शांति वार्ता सफल होना मुश्किल होगा और मध्य-पूर्व में तनाव फिर बढ़ सकता है।