Strait of Hormuz : जंग के बीच क्या होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से वसूला जा रहा टोल… भारत ने सच्चाई बता दी?

Edited By Updated: 02 Apr, 2026 09:30 PM

is toll being collected from ships passing through hormuz

मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध अब और भी भयावह होता जा रहा है। आज जंग का 33वां दिन है। वहीं ईरान और युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है, क्या यहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूला जा रहा है? इस पर केंद्र...

इंटरनेशनल डेस्कः मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध अब और भी भयावह होता जा रहा है। आज जंग का 33वां दिन है। वहीं ईरान और युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है, क्या यहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूला जा रहा है? इस पर केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि ईरान के साथ इस तरह की कोई चर्चा नहीं हुई है।

भारत ने किया साफ इनकार
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को राजधानी में ब्रीफिंग के दौरान कहा कि भारतीय झंडे वाले या भारतीय ऑपरेटेड जहाजों से किसी टोल को लेकर ईरान से कोई बातचीत नहीं हुई है।

94% तक गिरा जहाजों का ट्रैफिक
ईरान द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों के बाद दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। Lloyd's List Intelligence के मुताबिक, इस रूट पर कमर्शियल ट्रैफिक सामान्य स्तर के मुकाबले सिर्फ 6% रह गया है,यानी करीब 94% की गिरावट।

 ‘टोल बूथ’ सिस्टम क्या है?
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने एक तरह का “टोल बूथ” स्क्रीनिंग सिस्टम लागू किया है। अब जहाजों को बीच के गहरे समुद्री रास्ते की बजाय उत्तर की ओर लाराक द्वीप के पास से गुजरना पड़ रहा है। गुजरने से पहले ऑपरेटर्स को ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps द्वारा अनुमोदित मध्यस्थों से संपर्क करना होता है और जहाज, कार्गो व क्रू की पूरी जानकारी देनी पड़ती है। हालांकि, अब तक नकद भुगतान के ठोस सबूत कम ही मिले हैं। पिछले दो हफ्तों में इस रास्ते से गुजरने वाले 63 जहाजों में से केवल 2 के शुल्क देने की पुष्टि हुई है, जबकि बाकी जहाज कूटनीतिक हस्तक्षेप के जरिए गुजर पाए।

 वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर बड़ा असर
शांतिपूर्ण समय में यही स्ट्रेट दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल और LNG सप्लाई का रास्ता होता है। लेकिन मौजूदा हालात ने इसे लगभग ठप कर दिया है। यह संकट 28 फरवरी को तब शुरू हुआ, जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने मिसाइल हमले किए और जलमार्ग पर नियंत्रण सख्त कर दिया।

1200 से ज्यादा भारतीय सुरक्षित निकाले गए
रणधीर जायसवाल ने बताया कि अब तक 1200 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें 845 छात्र शामिल हैं। यह ऑपरेशन दो रास्तों से किया गया, 996 लोग आर्मीनिया के रास्ते और 204 लोग अजरबैजान के रास्ते बाहर निकाले गए।

ईरान का भरोसा—‘भारतीय दोस्त सुरक्षित हैं’
इसी बीच भारत में ईरान के दूतावास ने कहा है कि “हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हैं, चिंता की कोई बात नहीं है।” इस बयान से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन होर्मुज को लेकर बना तनाव अभी भी पूरी दुनिया के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है।

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