Edited By Tanuja,Updated: 15 Mar, 2026 02:40 PM

ईरान के इस्फहान शहर पर रविवार तड़के नए हवाई हमले हुए, जिससे शहर के ऊपर धुएं के घने गुबार देखे गए। जवाब में ईरान की IRGC ने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4” के तहत सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा...
International Desk: मध्य ईरान के प्रमुख शहर इस्फहान पर रविवार तड़के नए हवाई हमले किए गए, जिसके बाद शहर के ऊपर धुएं के घने गुबार उठते देखे गए। रिपोर्ट के अनुसार हमलों के बाद सामने आए वीडियो में इलाके के ऊपर सैन्य जेट विमानों को नीचे उड़ते हुए देखा गया।ईरानी मीडिया के अनुसार,इस्फहान प्रांत के शाहिन शहर में हुए एक हमले में कम से कम 15 लोग मारे गए। बताया जा रहा है कि इस हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ी इमारतों को निशाना बनाया गया था, और इस इलाके में सेना तथा सुरक्षा स्थलों के पास धमाकों की खबरें मिली हैं। ये घटनाएं ऐसे समय सामने आई हैं जब पश्चिम एशिया में ईरान और उसके विरोधियों के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है।
IRGC ने शुरू की ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4’ की 51वीं लहर
इन हमलों के जवाब में ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया कि उसने “Operation True Promise-4” के तहत मिसाइल और ड्रोन हमलों की नई लहर शुरू की है। सरकारी मीडिया के अनुसार इस अभियान में तरल और ठोस ईंधन वाली मिसाइलें और सटीक हमले करने वाले ड्रोनका इस्तेमाल किया गया। IRGC के अनुसार इस बार का मुख्य लक्ष्य Al Kharj Air Base था, जो सऊदी अरब में स्थित एक महत्वपूर्ण अमेरिकी सैन्य अड्डा है। ईरान का दावा है कि इसी बेस से F-35 Lightning II और F-16 Fighting Falcon जैसे लड़ाकू विमान हालिया हमलों के लिए उड़ान भर रहे थे।
कई देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा
ईरानी सेना ने कहा कि इसके अलावा मध्य-पूर्व में कई अन्य अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया, जिनमें शामिल हैं:
- Al Dhafra Air Base (यूएई)
- Fujairah (यूएई)
- Juffair (बहरीन)
- Ali Al Salem Air Base (कुवैत)
- Al Azraq Air Base (जॉर्डन)
IRGC का कहना है कि इन ठिकानों पर सटीक हमले करने वाले विस्फोटक ड्रोन तैनात किए गए। तेहरान ने यह भी दावा किया कि उसके एयर डिफेंस ने अब तक 118 दुश्मन ड्रोन या विमान मार गिराए हैं। ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल अब सैन्य ठिकानों के बजाय नागरिक उद्योगों और फैक्ट्रियों को निशाना बना रहे हैं। ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार हालिया बमबारी में:
- 24,500 से ज्यादा नागरिक ढांचे क्षतिग्रस्त
- करीब 20,000 घर
- 4,500 व्यापारिक प्रतिष्ठान
- 69 स्कूल प्रभावित
- जबकि 154 लोगों की मौत और कई छात्र-शिक्षक घायल बताए गए हैं।
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने पड़ोसी देशों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों को निकालें। उनका कहना है कि अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था “छेदों से भरी है और क्षेत्र में शांति के बजाय संकट को बढ़ा रही है।”