Edited By Anu Malhotra,Updated: 01 May, 2026 09:05 AM

Karisma Kapoor children: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिवंगत उद्योगपति Sanjay Kapoor की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद में अहम आदेश दिया है। अदालत ने उनकी पत्नी Priya Kapoor को फिलहाल किसी भी प्रकार की संपत्ति से जुड़ा लेन-देन या निपटान करने से रोक दिया है। साथ...
Karisma Kapoor children: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिवंगत उद्योगपति Sanjay Kapoor की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद में अहम आदेश दिया है। अदालत ने उनकी पत्नी Priya Kapoor को फिलहाल किसी भी प्रकार की संपत्ति से जुड़ा लेन-देन या निपटान करने से रोक दिया है। साथ ही, अभिनेत्री Karisma Kapoor के बच्चों को अंतरिम राहत दी गई है।
यह फैसला न्यायमूर्ति Jyoti Singh की एकल पीठ ने सुनाया। अदालत ने कहा कि जिस वसीयत के आधार पर संपत्ति का मामला चल रहा है, उसकी परिस्थितियां संदेह पैदा करती हैं। इन संदेहों को दूर करना प्रिया कपूर की जिम्मेदारी होगी और इसका अंतिम फैसला मुकदमे के दौरान किया जाएगा।
कोर्ट ने साफ किया कि जब तक मामला लंबित है, तब तक संपत्ति को सुरक्षित रखना जरूरी है। इसी कारण अदालत ने प्रिया कपूर को 3 भारतीय कंपनियों में अपनी Equity Share-Holding में बदलाव या हस्तांतरण करने से रोक दिया है। इसके अलावा उन्हें भविष्य निधि (PF) की राशि निकालने, कलाकृतियों और अन्य निजी संपत्तियों को बेचने या ट्रांसफर करने पर भी रोक लगाई गई है। कोर्ट ने बैंक खातों से पैसे निकालने और मृतक के नाम पर मौजूद क्रिप्टोकरेंसी को ट्रांसफर करने पर भी प्रतिबंध लगाया है।
यह मामला संजय कपूर के बच्चों - समायरा कपूर और उनके भाई - द्वारा दायर किया गया है। उन्होंने अपने पिता की संपत्ति में हिस्सा मांगते हुए दावा किया है कि कथित वसीयत वैध नहीं है और उसे जाली और संदिग्ध परिस्थितियों में तैयार किया गया है।
बच्चों की ओर से पेश सीनीयर वकील Mahesh Jethmalani ने अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल First Class के वारिस हैं और पहले उन्हें बताया गया था कि कोई वसीयत मौजूद नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में एक बैठक में जल्दबाजी में वसीयत पढ़ी गई, जो कई सवाल खड़े करती है। उनके अनुसार, वसीयत न तो Registered है और न ही उसकी सामग्री संजय कपूर के स्वभाव से मेल खाती है।
वहीं, प्रिया कपूर की ओर से सीनीयर वकील Rajiv Nayar ने दलील दी कि इस मुकदमे का कोई ठोस आधार नहीं है और मामूली गलतियां, जैसे वर्तनी या address errors, वसीयत को अमान्य नहीं बनातीं। प्रिया कपूर के बेटे की ओर से सीनीयर वकील Akhil Sibal ने कहा कि यह मामला केवल अटकलों पर आधारित है। उन्होंने यह भी बताया कि वादी पक्ष को पहले से कई बातों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने समय पर कोई आपत्ति नहीं उठाई।
याचिका में मांग की गई है कि प्रिया कपूर को वसीयत के आधार पर बच्चों के उत्तराधिकार अधिकारों से वंचित करने से रोका जाए। साथ ही संपत्ति के बंटवारे, सभी वित्तीय रिकॉर्ड के खुलासे और किसी भी तरह के तीसरे पक्ष को अधिकार देने पर रोक लगाने की भी मांग की गई है। अदालत का विस्तृत आदेश अभी आना बाकी है, लेकिन फिलहाल के लिए यह साफ है कि संपत्ति पर कोई भी बड़ा फैसला अंतिम सुनवाई के बाद ही होगा।