Edited By Tanuja,Updated: 27 May, 2026 11:47 AM

जापान ने इस सीजन में भारत से ताजे आमों के आयात पर रोक लगा दी है। जापानी अधिकारियों ने भारतीय ट्रीटमेंट केंद्रों में फ्यूमिगेशन और डिसइन्फेक्शन प्रक्रिया में खामियां पाई हैं। इस फैसले से अल्फांसो और केसर आम निर्यातकों को बड़ा झटका लगा है, जबकि...
International Desk: जापन (Japan) ने इस सीजन में India से ताजे आमों के आयात पर रोक लगा दी है। जापानी अधिकारियों ने भारतीय ट्रीटमेंट और पैकिंग केंद्रों में फ्यूमिगेशन तथा डिसइन्फेक्शन प्रक्रिया में कमियां पाए जाने के बाद यह फैसला लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्च 2026 में जापान के प्लांट क्वारंटीन अधिकारियों ने भारत के कुछ ट्रीटमेंट केंद्रों का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान यह पाया गया कि निर्यात से पहले आमों को कीट-मुक्त बनाने और सुरक्षित रखने की प्रक्रिया जापानी मानकों के अनुरूप नहीं थी। इसके बाद जापान के अधिकारियों ने साफ कर दिया कि 25 मार्च 2026 के बाद जारी किए गए भारतीय निरीक्षण प्रमाणपत्रों वाले आम स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक भारत अपनी प्रक्रियाओं में सुधार साबित नहीं कर देता। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर प्रीमियम भारतीय आमों पर पड़ा है। इनमें अल्फांसो, केसर, लंगड़ा और बंगनपल्ली जैसी लोकप्रिय किस्में शामिल हैं, जिनकी जापान में अच्छी मांग रहती है। हालांकि जापान भारत के आमों का सबसे बड़ा खरीदार नहीं है, लेकिन उसे प्रीमियम बाजार माना जाता है। 2025-26 में भारत से जापान को ताजे और प्रोसेस्ड आमों का कुल निर्यात लगभग 1.54 मिलियन डॉलर का था, जिसमें गुजरात के केसर आमों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही। यह संकट ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र के अल्फांसो आम उत्पादक पहले से भारी नुकसान झेल रहे हैं।
इस साल अत्यधिक गर्मी, तापमान में अचानक बदलाव और अनियमित मौसम के कारण कई इलाकों में फसल बुरी तरह प्रभावित हुई। महाराष्ट्र के देवगढ़ और कोंकण क्षेत्र के कई किसानों ने उत्पादन में भारी गिरावट की शिकायत की है। कुछ रिपोर्टों में 70 से 90 प्रतिशत तक नुकसान की बात कही गई है। निर्यातकों की परेशानी सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण हवाई मालभाड़ा भी काफी बढ़ गया है।