Edited By Tanuja,Updated: 29 Apr, 2026 01:58 PM

पाकिस्तान के कराची में गैस की भारी कमी के चलते लोग प्लास्टिक गुब्बारों में LPG भरकर खाना बना रहे हैं। विशेषज्ञों ने इसे “चलता-फिरता बम” बताया है। यह खतरनाक जुगाड़ ऊर्जा संकट और आम जनता की मजबूरी को उजागर करता है।
Islamabad: पाकिस्तान के कराची शहर में गैस की गंभीर कमी ने लोगों को बेहद खतरनाक तरीका अपनाने पर मजबूर कर दिया है। यहां के कुछ इलाकों, खासकर ओरंगी टाउन और मोमिनाबाद में लोग प्लास्टिक के गुब्बारों में गैस भरकर खाना बना रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस की सप्लाई बहुत अनियमित हो गई है। जब थोड़ी देर के लिए गैस आती है, तब वे इन गुब्बारों में गैस भर लेते हैं और फिर दिनभर उसी से चूल्हा जलाते हैं। ये गुब्बारे स्थानीय बाजार में 1000 से 1500 रुपए तक में मिल रहे हैं।
विशेषज्ञों ने इस तरीके को बेहद खतरनाक बताया है। उनका कहना है कि प्लास्टिक के गुब्बारों में गैस भरना “चलता-फिरता बम” जैसा है। हल्की सी चिंगारी, गर्मी या रगड़ से भी बड़ा विस्फोट हो सकता है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। दरअसल, LPG और घरेलू गैस बहुत ज्वलनशील होती है। प्लास्टिक के गुब्बारे गैस स्टोर करने के लिए बनाए ही नहीं जाते, इसलिए इनमें लीकेज का खतरा बहुत ज्यादा होता है। अगर गुब्बारा फट जाए, तो गैस तेजी से बाहर निकलकर तुरंत आग पकड़ सकती है।
यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब वैश्विक स्तर पर भी ऊर्जा संकट बढ़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और सप्लाई में रुकावट के कारण तेल और गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिसका असर पाकिस्तान जैसे देशों पर ज्यादा दिख रहा है। कराची में पहले से ही गैस की कमी, कम दबाव और लंबी कटौती की समस्या रही है, जो सर्दियों में और बढ़ जाती है। अब हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग अपनी जान जोखिम में डालकर भी खाना बनाने को मजबूर हैं।