Edited By Tanuja,Updated: 18 Apr, 2026 03:06 PM

लश्कर-ए-तैयबा के अंदर नेतृत्व को लेकर फूट बढ़ गई है। हाफिज सईद की जगह सैफुल्लाह कसूरी को आगे लाने की मांग हो रही है। वहीं पाकिस्तान सेना और आईएसआई के बीच भी मतभेद सामने आए हैं।
Islamabad: पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क में बगावत के सुर उठने लगे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाक के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के अंदर नेतृत्व को लेकर बड़ा विवाद चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, संगठन के कई सदस्य अब हाफिज सईद की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि उम्र बढ़ने के कारण वह कमजोर पड़ चुके हैं और अब नए नेतृत्व की जरूरत है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के सैन्य और खुफिया तंत्र के बीच भी विचारों की खाई बढ़ती जा रही है। दरअसल, सेना प्रमुख असीम मुनीर, ISI के कामकाज से नाखुश हैं।
खासतौर पर 2023 के बाद पाकिस्तान में भारत के दुश्मन आतंकियों की रहस्यमयी हत्याओं और TTP तथा BLA की गतिविधियों को रोकने में विफलता को लेकर सवाल उठे हैं लेकिन सबसे बड़ा संकट लश्कर-ए-तैयबा के भीतर चल रही खींचतान को माना जा रहा है। इस बीच सैफुल्लाह कसूरी को नया दावेदार माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि संगठन के युवा सदस्य कसूरी के समर्थन में हैं, जबकि पुराने और अनुभवी लोग अभी भी हाफिज सईद के साथ खड़े हैं। इससे संगठन दो गुटों में बंटता नजर आ रहा है। तनाव की एक वजह हाल के सालों में आतंकी नेटवर्क पर बढ़ता दबाव भी है।
कई घटनाओं और हमलों के बाद संगठन के अंदर असंतोष बढ़ा है, जिससे नेतृत्व पर सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान सेना और आईएसआई के बीच भी इस मुद्दे पर मतभेद हैं। सेना जहां नए चेहरे को आगे लाना चाहती है, वहीं आईएसआई अभी भी हाफिज सईद को ही भरोसेमंद मानती है। कुल मिलाकर, यह स्थिति न सिर्फ लश्कर-ए-तैयबा के अंदर संघर्ष को दिखाती है, बल्कि पाकिस्तान के अंदर सुरक्षा और रणनीति को लेकर भी असमंजस पैदा कर रही है।