ट्रंप का नया बयान: ‘मुझे नेतन्याहू ने नहीं उकसाया...ईरान से युद्ध का फैसला मेरा था', मैं न होता मिट जाता इजराइल'

Edited By Updated: 03 Jun, 2026 07:29 PM

trump rejects claims netanyahu influenced him to start iran war

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन दावों को खारिज कर दिया है कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के लिए प्रभावित किया था। वहीं ईरान ने बातचीत की इच्छा जताई है, लेकिन अमेरिका पर अविश्वास भी व्यक्त...

International Desk: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के लिए प्रभावित किया था। ट्रंप ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह उनका अपना था और उनका उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “क्या उसने मुझे धोखा दिया? युद्ध शुरू करने वाला मैं था। फैसला मेरा था।” उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

 

ट्रंप ने अपने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके राजनीतिक विरोधी स्थिति को समझने में विफल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में कदम नहीं उठाए होते तो इजराइल की सुरक्षा गंभीर खतरे में पड़ सकती थी। ट्रंप ने कहा, “अगर मैं नहीं होता तो आज इजराइल का अस्तित्व ही नहीं होता।” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय हुए 2015 के ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका को बाहर निकाल लिया था, क्योंकि उन्हें ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर गंभीर आपत्ति थी।

 

ईरान बोला- बातचीत संभव, लेकिन भरोसा नहीं
दूसरी ओर, तेहरान ने संकेत दिया है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि ईरानी नेताओं ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के वादों पर भरोसा करना उनके लिए मुश्किल है। ईरान की संसद के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि देश युद्ध के बावजूद अपने संसाधनों और प्रशासनिक व्यवस्था को संभालने में सक्षम है तथा युद्ध से जुड़ी कमी या संकट की खबरें बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जा रही हैं। इस बीच ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 को निशाना बनाया। हमले में हवाई अड्डे की संरचना को नुकसान पहुंचा, कई लोग घायल हुए और उड़ान संचालन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।

 

होरमुज जलडमरूमध्य को लेकर IRGC की चेतावनी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि होरमुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को खतरा पहुंचा तो उसे “भारी कीमत” चुकानी पड़ेगी। यह चेतावनी हालिया सैन्य घटनाओं के बाद आई है, जिनमें अमेरिका द्वारा ईरान के क़ेश्म द्वीप पर एक संचार टावर पर आत्मरक्षात्मक कार्रवाई और अमेरिकी तथा बहरीनी वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा मिसाइलों को रोकने की घटनाएं शामिल हैं।

 

ऐतिहासिक स्थलों पर भी खतरा
तनाव केवल ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं है। दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमलों में दो पैरामेडिक्स की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल है।वहीं गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटों में तीन फिलिस्तीनियों की मौत हुई और 35 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय का कहना है कि कई शव अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं, जहां तक राहतकर्मी नहीं पहुंच पा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार इजराइली सैन्य अभियानों के कारण दक्षिणी लेबनान के कई ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों पर भी खतरा मंडरा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष जारी रहा तो क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को गंभीर नुकसान हो सकता है।

 

 

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