Meta Fined: मेटा पर लगा 5,000 करोड़ का तगड़ा जुर्माना, युवाओं की सेहत से खिलवाड़ पड़ा भारी

Edited By Updated: 07 Aug, 2026 11:14 AM

meta slapped with a massive fine of 5 000 crore

सोशल मीडिया कंपनी मेटा (META) जो इंस्टाग्राम और फेसबुक की मूल कंपनी है को न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने मेटा को अपने प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं की मानसिक सेहत को पहुंचाए गए नुकसान की भरपाई के लिए 567 मिलियन अमेरिकी डॉलर...

सैन फ्रांसिस्को : सोशल मीडिया कंपनी मेटा (META) जो इंस्टाग्राम और फेसबुक की मूल कंपनी है को न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने मेटा को अपने प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं की मानसिक सेहत को पहुंचाए गए नुकसान की भरपाई के लिए 567 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹5,000 करोड़) का भुगतान करने का कड़ा आदेश दिया है। यह फैसला उस बहुचर्चित मुकदमे का हिस्सा है जिसमें मेटा को मार्च में करारी हार का सामना करना पड़ा था।

न्यायाधीश ब्रायन बीडशाइड ने बीती देर रात दिए फैसले में कहा कि इस राशि का बड़ा हिस्सा यानी 42 करोड़ डॉलर युवाओं के उपचार से जुड़ी सेवाओं पर खर्च किया जाएगा तथा शेष राशि अगले पांच वर्ष के दौरान जागरूकता एवं रोकथाम, जांच सेवाओं तथा अन्य खर्चों पर लगाई जाएगी। मुकदमे के पहले चरण में अदालत ने मेटा पर 37.5 करोड़ डॉलर का दीवानी जुर्माना लगाया था। 

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अदालत ने माना था कि कंपनी ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया और अपने मंचों पर बच्चों के यौन शोषण के बारे में उपलब्ध जानकारी छिपाई। अभियोजकों ने मुकदमे के दूसरे चरण में न्यायाधीश से मेटा के कामकाज में बुनियादी बदलाव करने का आदेश दिए जाने का अनुरोध किया था। इन बदलावों का उद्देश्य लोगों को लत लगाने वाले 'फीचर' पर अंकुश लगाना, उम्र के सत्यापन की व्यवस्था में सुधार करना और स्वतः लागू होने वाली निजता संबंधी व्यवस्थाओं तथा कड़ी निगरानी के जरिये बच्चों के यौन शोषण को रोकना था। 

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अदालत ने कहा कि बच्चों की निजता से संबंधित संघीय कानून मेटा को 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए आयु सत्यापन उपकरण लागू करने से रोकते हैं। अदालत ने कहा कि बाल ऑनलाइन निजता संरक्षण अधिनियम यानी 'सीओपीपीए' के कारण वह मेटा को बच्चों से निजी जानकारी देने या आयु सत्यापन के उद्देश्य से इंटरनेट पर उनकी गतिविधियों पर स्वतः नजर रखने के लिए कहने का आदेश नहीं दे सकती। अदालत ने यह भी कहा कि बच्चों की उम्र सत्यापित करने का आदेश केवल मेटा को देना और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों को इससे बाहर रखना कंपनी के लिए अनुचित और अत्यधिक नुकसानदेह होगा। 

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