Edited By Tanuja,Updated: 15 Feb, 2026 03:16 PM

सीरिया में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका ने ISIS के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान तेज किया है। ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ के तहत फरवरी में 10 सटीक हवाई हमलों में 30 से अधिक ठिकाने तबाह किए गए। अमेरिका ने साफ कहा है हमले का जवाब हर हाल में मिलेगा।
International Desk: अमेरिका ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज कर दिया है। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ के तहत किए जा रहे हमलों का नया वीडियो और विस्तृत जानकारी जारी की है। सेंटकॉम के अनुसार, यह अभियान 19 दिसंबर 2025 को शुरू किया गया था। इससे पहले 13 दिसंबर को पलमायरा में हुए हमले में दो अमेरिकी सैनिकों और एक अमेरिकी दुभाषिए की मौत हो गई थी। हमलावर हाल ही में सीरियाई सुरक्षा बलों में भर्ती बताया गया था और उसके चरमपंथी संगठनों से जुड़े होने की पुष्टि हुई थी। घटना के बाद हमलावर को मौके पर ही मार गिराया गया था।
CENTCOM ने बताया कि 3 फरवरी से 12 फरवरी के बीच अभियान के नए चरण में 10 सटीक हवाई हमले किए गए। इन हमलों में ISIS से जुड़े 30 से अधिक ठिकानों—हथियार भंडार, संचार नेटवर्क और रसद केंद्र को निशाना बनाया गया। इस ऑपरेशन में F-15E स्ट्राइक ईगल, A-10 वार्थॉग, AC-130J घोस्टराइडर और MQ-9 रीपर ड्रोन का उपयोग किया गया। इसके साथ ही जॉर्डन के F-16 विमानों ने भी सहयोग किया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अभियान शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 50 ISIS लड़ाके मारे गए या गिरफ्तार किए गए हैं।
CENTCOM ने स्पष्ट संदेश दिया कि यदि अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचाया गया, तो जिम्मेदार लोगों को दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढकर जवाब दिया जाएगा। उस समय के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि यह व्यापक युद्ध नहीं, बल्कि “सीमित और निशाना बनाकर की गई कार्रवाई” है और इसे उन्होंने “बदले की घोषणा” करार दिया। क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों ने एक और कदम उठाते हुए सीरिया की जेलों में बंद 5,700 से अधिक ISIS संदिग्धों को इराक भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे जेल तोड़कर भागने का खतरा घटेगा और संगठन को दोबारा ताकत जुटाने से रोका जा सकेगा। अमेरिका का कहना है कि बदलते हालात में ISIS को दोबारा सक्रिय होने से रोकना उसकी प्राथमिकता है, और ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ इसी रणनीति का अहम हिस्सा है।