अमेरिका में पुनर्वास की आस टूटी: 20 हजार अफगान शरणार्थियों को निकालेगा पाकिस्तान, डिपोर्टेशन के आदेश तैयार

Edited By Updated: 10 Feb, 2026 07:29 PM

pakistan set to deport 20 000 afghan refugees awaiting relocation to us report

पाकिस्तान सरकार अमेरिका में पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे करीब 20,000 अफगान शरणार्थियों को देश से निकालने की तैयारी में है। अमेरिका द्वारा अफगान शरणार्थी कार्यक्रम पर रोक लगाए जाने के बाद इन लोगों का भविष्य अनिश्चित हो गया है, जिससे मानवीय संकट की...

International Desk: पाकिस्तान सरकार अमेरिका में पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे करीब 20,000 अफगान शरणार्थियों को देश से निर्वासित (डिपोर्ट) करने की तैयारी कर रही है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस संबंध में केंद्र सरकार जल्द ही प्रांतीय प्रशासन और पुलिस को औपचारिक निर्देश जारी करेगी।अफगानिस्तान की प्रमुख समाचार एजेंसी खामा प्रेस ने पाकिस्तान के अखबार द नेशन के हवाले से बताया कि इस्लामाबाद, बलूचिस्तान, पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा, पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान में प्रशासन को अफगान शरणार्थियों की वापसी की प्रक्रिया में सहयोग करने को कहा जाएगा।

 

इनमें से अधिकांश शरणार्थी 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान छोड़कर पाकिस्तान पहुंचे थे और पिछले तीन वर्षों से अमेरिका या अन्य देशों में पुनर्वास की उम्मीद लगाए बैठे हैं। हालांकि, हाल के महीनों में पाकिस्तान ने अमेरिका की प्रतिबद्धता पर संदेह जताते हुए कुछ ऐसे शरणार्थियों को भी वापस भेज दिया, जिनके नाम अमेरिकी पुनर्वास सूची में शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर में वाशिंगटन के पास एक गोलीबारी की घटना के बाद अमेरिका ने अफगान शरणार्थियों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इस घटना में एक अफगान नागरिक रहमानुल्लाह लखनवाल द्वारा दो अमेरिकी नेशनल गार्ड जवानों को गोली मारे जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगान पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा जारी करना अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया और लंबित मामलों की समीक्षा के आदेश दिए।

 

इस फैसले के बाद पाकिस्तान में रह रहे हजारों अफगान शरणार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। बीते महीने कई अफगान शरणार्थियों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान सरकार से अपील की थी कि उन्हें सम्मानजनक और चरणबद्ध तरीके से लौटने के लिए समय दिया जाए। अफगान शरणार्थी हाजी नज़र ने पाकिस्तानी सरकार से तीन महीने का समय देने की मांग करते हुए कहा, “अचानक की जा रही कार्रवाई से हमें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हमें अपने कारोबार और पारिवारिक मामलों को समेटने के लिए समय चाहिए।”

 

शरणार्थी अधिकार कार्यकर्ता अल्लाह मीर मियाखैल ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां कई जगहों पर अफगान शरणार्थियों को गिरफ्तार कर रही हैं। उन्होंने बताया कि कई परिवारों के पास प्रूफ ऑफ रजिस्ट्रेशन (PoR) कार्ड हैं, लेकिन अब उन्हें अमान्य कर दिया गया है।मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि यह प्रक्रिया स्वैच्छिक, चरणबद्ध और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की निगरानी में नहीं हुई, तो अफगानिस्तान में एक नया मानवीय संकट खड़ा हो सकता है। कई शरणार्थी बिना वैध दस्तावेजों के कानूनी और सामाजिक अनिश्चितता में जीवन जीने को मजबूर हैं।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!