Edited By Tanuja,Updated: 03 May, 2026 05:49 PM

फिलीपींस ने चीनी रिसर्च जहाजों और ड्रोन मदरशिप “झुहैयुन” को हटाने के लिए विमान और जहाज तैनात करने का फैसला किया है। मनीला ने इसे UNCLOS का उल्लंघन बताया। स्प्रैटली द्वीपों में बढ़ते तनाव के बीच यह कदम समुद्री संप्रभुता की रक्षा के लिए उठाया गया।
International Desk: दक्षिण चीन सागर में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। Philippine Coast Guard ने घोषणा की है कि वह अपने विमानों और जहाजों को तैनात कर चार चीनी रिसर्च जहाजों को अपने जलक्षेत्र से बाहर करेगा। पीसीजी के प्रवक्ता जे टैरिएला (Jay Tarriela) के अनुसार, इन जहाजों का पता कनाडा के “डार्क वेसल डिटेक्शन सिस्टम” के जरिए लगाया गया। मनीला का कहना है कि ये जहाज बिना अनुमति समुद्री शोध कर रहे हैं, जो United Nations Convention on the Law of the Sea का उल्लंघन है।
इन जहाजों में सबसे खास है Zhuhaiyun, जिसे दुनिया की पहली “इंटेलिजेंट ड्रोन मदरशिप” कहा जाता है। यह जहाज 50 से ज्यादा ड्रोन (हवा, पानी और पानी के नीचे) संचालित कर सकता है और बड़े पैमाने पर समुद्री सर्वे कर सकता है। इसके अलावा तीन अन्य जहाज Xiangyanghong 33, Shi Yan 1 और Jia Geng भी फिलीपींस के दावों वाले क्षेत्रों में पाए गए हैं। पीसीजी कमांडेंट रोनी गिल गवन (Ronnie Gil Gavan) ने कहा कि फिलीपींस अपनी समुद्री सीमा की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाएगा और बिना अनुमति किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा। यह घटनाक्रम पश्चिमी फ़िलिपीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है, जहां चीन और फिलीपींस के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है।
इसी बीच “Atin Ito coalition” नामक नागरिक समूह ने थिटू द्वीप पर जाकर फिलीपींस का झंडा फहराया, जिसे संप्रभुता का शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताया गया। यह द्वीप Spratly Islands का हिस्सा है, जिस पर चीन भी दावा करता है (चीन इसे Zhongye Island कहता है)। यहां करीब 200 नागरिक रहते हैं और यह फिलीपींस के प्रशासन के तहत सबसे बड़ा द्वीप है। कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम दिखाता है कि दक्षिण चीन सागर में तकनीकी शक्ति, सैन्य मौजूदगी और कूटनीति के बीच संघर्ष लगातार बढ़ रहा है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।