Edited By Pardeep,Updated: 26 May, 2026 09:38 PM

कनाडा में अलगाववाद की सुलगती चिंगारी ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अल्बर्टा प्रांत को कनाडा से अलग करने की कोशिशों पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे एक "खतरनाक ब्लफ" (Dangerous Bluff) करार दिया है। कार्नी ने चेतावनी...
ओटावा/टोरंटो: कनाडा में अलगाववाद की सुलगती चिंगारी ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अल्बर्टा प्रांत को कनाडा से अलग करने की कोशिशों पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे एक "खतरनाक ब्लफ" (Dangerous Bluff) करार दिया है। कार्नी ने चेतावनी दी है कि अलग होने की यह जिद प्रांत और देश के लिए आत्मघाती साबित हो सकती है।
ब्रेक्सिट जैसी तबाही का डर
प्रधानमंत्री कार्नी ने इस स्थिति की तुलना ब्रेक्सिट (Brexit) से करते हुए आगाह किया कि उन्होंने बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर रहते हुए इसके विनाशकारी प्रभावों को अपनी आंखों से देखा है। उन्होंने कहा कि ब्रेक्सिट के फैसले से हुए नुकसान की भरपाई लोग एक दशक बाद भी करने की कोशिश कर रहे हैं और अल्बर्टा को इस इतिहास से सबक लेना चाहिए।
अक्टूबर में जनमत संग्रह की तैयारी
गौरतलब है कि अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि वे अक्टूबर में एक जनमत संग्रह (Referendum) आयोजित करेंगी। इसमें अल्बर्टा के लोगों से पूछा जाएगा कि क्या वे कनाडा का हिस्सा बने रहना चाहते हैं या अलग होने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करना चाहते हैं।
कानूनी घेरे में जनमत संग्रह का सवाल
प्रधानमंत्री कार्नी ने स्पष्ट किया कि संघीय सरकार इस जनमत संग्रह के सवाल की समीक्षा कर रही है। यह जांच की जा रही है कि क्या यह 'क्लैरिटी एक्ट' (Clarity Act) के नियमों का पालन करता है, जो 1995 के क्यूबेक जनमत संग्रह के बाद अलगाववाद को रोकने के लिए बनाया गया था।
एकता के लिए मैदान में उतरेंगे पीएम
कार्नी ने घोषणा की है कि वे राष्ट्रीय एकता के लिए अभियान चलाएंगे और लोगों को दिखाएंगे कि सहयोगात्मक संघवाद कैसे काम करता है। उन्होंने हाल ही में अल्बर्टा के साथ एक नई पाइपलाइन परियोजना पर हुए समझौते का उदाहरण भी दिया। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने डेनियल स्मिथ को रोकने की कोशिश की, तो कार्नी ने मुस्कुराते हुए कहा, "प्रीमियर हमेशा मेरी सलाह नहीं मानतीं"।