Edited By Pardeep,Updated: 26 May, 2026 09:29 PM

भारत और कनाडा के बीच कड़वाहट भरे रिश्तों में अब एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसे ‘द ग्रेट रिसेट’ कहा जा रहा है। भारतीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इस समय कनाडा के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री...
इंटरनेशनल डेस्कः भारत और कनाडा के बीच कड़वाहट भरे रिश्तों में अब एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसे ‘द ग्रेट रिसेट’ कहा जा रहा है। भारतीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इस समय कनाडा के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ मुलाकात की। गोयल ने विश्वास जताया है कि प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की हालिया भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच संबंधों की पूरी रूपरेखा बदल दी है और अब दोनों पक्ष 2026 तक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) तक पहुँचने के लिए बेहद उत्सुक हैं।
खटास के बाद ऐतिहासिक सुधार
उल्लेखनीय है कि 2010 से चल रही व्यापार वार्ताएं 2023 में तब रुक गई थीं, जब कनाडा सरकार ने ब्रिटिश कोलंबिया में एक सिख कार्यकर्ता की हत्या में भारत की भूमिका का आरोप लगाया था। हालांकि, 2025 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मार्क कार्नी ने भारत के साथ संबंधों को सुधारना अपनी प्राथमिकता बनाया। मार्च में उनकी मुंबई और नई दिल्ली की यात्रा आठ वर्षों में किसी कनाडाई प्रधानमंत्री की पहली भारत यात्रा थी, जिसमें उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर रिश्तों में जमी बर्फ को पिघलाया।
यूरेनियम डील और $50 बिलियन का बड़ा लक्ष्य
प्रधानमंत्री कार्नी की भारत यात्रा केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसमें कई बड़े व्यापारिक समझौते भी हुए:
- परमाणु ऊर्जा: भारत को परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए करीब 2.2 करोड़ पाउंड यूरेनियम सप्लाई करने का $2.6 बिलियन का ऐतिहासिक समझौता हुआ।
- कमर्शियल एग्रीमेंट: दोनों देशों के बीच $5.5 बिलियन से अधिक मूल्य के 10 वाणिज्यिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
- भविष्य का लक्ष्य: पीयूष गोयल के अनुसार, दोनों देश अब 2030 तक अपने व्यापार को तीन गुना बढ़ाकर $50 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।
'व्हाट्सएप डिप्लोमेसी' और सबसे बड़ा बिजनेस डेलिगेशन
पीयूष गोयल के साथ इस दौरे पर 100 से अधिक वरिष्ठ व्यापारिक प्रतिनिधि भी कनाडा पहुँचे हैं, जो खनन, ऊर्जा, ऑटोमोटिव और एयरोस्पेस जैसे प्रमुख उद्योगों से जुड़े हैं। इसे भारत की ओर से कनाडा भेजा गया अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल बताया जा रहा है। कनाडाई मंत्री मनिंदर सिद्धू ने इस नई दोस्ती को "व्हाट्सएप डिप्लोमेसी" का नाम दिया और कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने के लिए भारी उत्साह है।
वैश्विक मंच पर कनाडा की नई रणनीति
कनाडा की लिबरल सरकार अगले दशक में गैर-अमेरिकी निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। मार्क कार्नी मार्च 2025 से अब तक 17 अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में 25 देशों का दौरा कर चुके हैं, जो भारत के साथ-साथ दक्षिण अमेरिकी व्यापार ब्लॉक मर्कोसुर (Mercosur) और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के संगठन (ASEAN) के साथ भी व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की कोशिश में हैं।