Edited By prashant sharma,Updated: 06 Nov, 2026 04:47 PM

पाकिस्तान में गुरुवार को इस साल का नौवां वाइल्ड पोलियो वायरस का मामला सामने आया। खैबर-पख्तूनख्वा (K-P) के खैबर जिले में सात महीने के एक बच्चे में इस वायरस की पुष्टि हुई है। इससे पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर वायरस के लगातार फैलने को लेकर चिंता बढ़...
Polio in Pakistan : पाकिस्तान में गुरुवार को इस साल का नौवां वाइल्ड पोलियो वायरस का मामला सामने आया। खैबर-पख्तूनख्वा (K-P) के खैबर जिले में सात महीने के एक बच्चे में इस वायरस की पुष्टि हुई है। इससे पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर वायरस के लगातार फैलने को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस्लामाबाद स्थित पोलियो उन्मूलन के लिए क्षेत्रीय संदर्भ प्रयोगशाला ने इस मामले की पुष्टि की है। यह मामला बारा तहसील की मस्तक यूनियन काउंसिल में मिला है। इस साल खैबर जिले से सामने आया यह तीसरा और पूरे खैबर-पख्तूनख्वा (K-P) से सातवां पोलियो मामला है। पाकिस्तान पोलियो उन्मूलन पहल (PEI) के अनुसार, खैबर जिले के तीनों मामलों में मिले वायरस के जेनेटिक विश्लेषण से पता चला है कि इसका संबंध अफगानिस्तान में फैल रहे पोलियो वायरस स्ट्रेन से है। अफगानिस्तान में इस साल अब तक 50 मामले सामने आ चुके हैं।
ये नतीजे बताते हैं कि सीमा पार से वायरस का आना जारी है। ऐसे में, वायरस को और फैलने से रोकने के लिए दोनों देशों को मिलकर टीकाकरण के प्रयास करने की जरूरत है। इस बीच, देश भर में सामने आए इन नए मामलों पर चिंता जताते हुए, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संघीय स्वास्थ्य अधिकारियों और पोलियो उन्मूलन टीम के सदस्यों को निर्देश दिया है कि वे चारों प्रांतों का दौरा करें। उन्होंने एक हफ्ते के भीतर इस बीमारी को खत्म करने के लिए एक समन्वित रणनीति बनाने को कहा है।
इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में पोलियो उन्मूलन पर एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए, शहबाज ने पोलियो वायरस के प्रसार को रोकने के लिए और अधिक प्रभावी रणनीति और तेज प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस गंभीर बीमारी के खिलाफ चल रहे अपने अभियान की गति को कम नहीं होने दे सकती। हाल के इन मामलों को लेकर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "हमें पहले से कहीं बेहतर रणनीति और पोलियो के खिलाफ और भी मजबूत संघर्ष के साथ आगे बढ़ना होगा।
PMO द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने संघीय स्वास्थ्य मंत्री, राज्य मंत्री, राष्ट्रीय स्वास्थ्य सचिव और पोलियो उन्मूलन टीम के सदस्यों को तुरंत चारों प्रांतों का दौरा करने और वहां के मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों के साथ चर्चा करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने अधिकारियों को चारों प्रांतीय सरकारों के साथ बातचीत करके एक हफ्ते के भीतर एक समन्वित कार्य योजना तैयार करने को कहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस बीमारी को पूरी तरह से खत्म करने के लिए केंद्र सरकार, प्रांतों और अन्य संबंधित पक्षों का मिलकर काम करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान को पोलियो-मुक्त बनाना एक बड़ी चुनौती है; लेकिन, हमारा संकल्प और हौसला इस चुनौती से कहीं अधिक मजबूत है।
प्रधानमंत्री ने देश भर में टीकाकरण अभियानों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए फ्रंटलाइन पोलियो कर्मियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की प्रतिबद्धता और सेवाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार फ्रंटलाइन कर्मियों की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने और उनकी सुरक्षा को मजबूत करने को प्राथमिकता देगी, खासकर उन इलाकों में जहां सुरक्षा संबंधी चिंताओं और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण टीकाकरण कार्यों में बाधा आई है।
प्रधानमंत्री शहबाज ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पूरे देश में नियमित टीकाकरण कवरेज में सुधार लाएं, जिसमें पोलियो प्रभावित क्षेत्रों और अधिक जोखिम वाले इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण इलाकों में पोलियो-रोधी अभियानों की पहुंच बेहतर होने की भी सराहना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि बेहतर समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए इन उपलब्धियों को बनाए रखना जरूरी है। बैठक में बताया गया कि खैबर जिले में पोलियो का एक नया मामला सामने आया है, जिससे इस साल देश में कुल मामलों की संख्या नौ हो गई है।
इन नौ मामलों में से सात खैबर पख्तूनख्वा (K-P) से हैं - जिनमें तीन खैबर जिले से, तीन बन्नू से और एक उत्तरी वजीरिस्तान से है। बाकी दो मामले सिंध से हैं, जिनमें से एक-एक मामला कराची ईस्ट और सुजावल जिलों में सामने आया है।