Edited By Parveen Kumar,Updated: 06 Aug, 2026 12:34 AM

होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान और ओमान के बीच चल रही बातचीत में अहम प्रगति हुई है। ईरान ने बुधवार को कहा कि दोनों देश प्रस्तावित शिपिंग रूट के भौगोलिक निर्देशांकों (Geographic Coordinates) पर सहमत हो गए हैं। हालांकि, ईरान का...
नेशनल डेस्क : होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान और ओमान के बीच चल रही बातचीत में अहम प्रगति हुई है। ईरान ने बुधवार को कहा कि दोनों देश प्रस्तावित शिपिंग रूट के भौगोलिक निर्देशांकों (Geographic Coordinates) पर सहमत हो गए हैं। हालांकि, ईरान का कहना है कि जब तक क्षेत्रीय तनाव, खासकर अमेरिका से जुड़े मुद्दे, खत्म नहीं होते तब तक समुद्री सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं दी जा सकती।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि दोनों देश एक संयुक्त घोषणा जारी करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई तीसरा पक्ष इस प्रक्रिया में दखल नहीं देता, तो अंतिम समीक्षा के बाद समझौते की घोषणा की जा सकती है।
कई महीनों से चल रही थी बातचीत
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण पिछले कई महीनों से इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। इसके बाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर बातचीत तेज हुई। यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई गुजरती है।
सुरक्षा पर अभी भी चिंता
ईरान ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही है, लेकिन केवल शिपिंग रूट पर सहमति बनने से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी। बघाई ने आरोप लगाया कि अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियां और ईरान के खिलाफ उठाए जा रहे कदम अब भी समुद्री सुरक्षा के लिए चुनौती बने हुए हैं।
लागू हुआ तो ईरान की भूमिका बढ़ेगी
अगर यह समझौता लागू होता है, तो होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों के संचालन में ईरान की भूमिका पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाएगी। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अभी कई मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।
क्षेत्रीय देशों से भी जारी है संपर्क
ईरान ने बताया कि वह पाकिस्तान और कतर सहित क्षेत्र के अन्य देशों के साथ भी लगातार बातचीत कर रहा है। हालांकि, फिलहाल विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ़ की इन देशों की यात्रा की कोई योजना नहीं है।
ट्रंप ने भी जताई उम्मीद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बातचीत में प्रगति का दावा किया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच "काफी आगे बढ़ चुके हैं" और अगले 48 घंटे अहम हो सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि समझौता करना ईरान के हित में होगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।