Edited By Pardeep,Updated: 04 May, 2026 02:27 AM

मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव और हिंसा के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ी मानवीय पहल का ऐलान किया है। 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' (Project Freedom) के तहत उन विदेशी जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा,...
वाशिंगटन/तेहरान: मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव और हिंसा के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ी मानवीय पहल का ऐलान किया है। 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' (Project Freedom) के तहत उन विदेशी जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा, जिनका इस क्षेत्रीय विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। यह अभियान सोमवार सुबह (मिडिल ईस्ट समय) से शुरू होने जा रहा है।
'बेगुनाह' जहाजों के लिए मसीहा बना अमेरिका
दुनिया भर के कई देशों ने अमेरिका से मदद की गुहार लगाई थी कि उनके जहाज इस विवादित जलमार्ग में फंसे हुए हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ये जहाज केवल 'मूकदर्शक' हैं और इनका मौजूदा संघर्ष से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि वे इन जहाजों और उनके चालक दल को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास करें।
जहाजों पर खत्म हो रहा है खाना और जरूरी सामान
इस मानवीय पहल के पीछे एक बड़ी वजह इन जहाजों पर मौजूद चालक दल की बदतर होती स्थिति है। रिपोर्ट के अनुसार, कई जहाजों पर भोजन और स्वच्छता बनाए रखने के लिए जरूरी सामान की भारी कमी हो गई है। यह कदम ईरान, मिडिल ईस्ट और अमेरिका सहित सभी के हित में माना जा रहा है।
ईरान के साथ बढ़ी कूटनीतिक नजदीकियां
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक उत्साहजनक जानकारी देते हुए बताया कि उनके प्रतिनिधि इस समय ईरान के साथ "बहुत सकारात्मक चर्चा" कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि इन वार्ताओं से सभी पक्षों के लिए कुछ बहुत ही सकारात्मक परिणाम निकल सकते हैं। इस कदम को सभी देशों के बीच 'सद्भावना' (Goodwill) दिखाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
हस्तक्षेप करने वालों को सख्त चेतावनी
हालांकि यह एक मानवीय मिशन है, लेकिन अमेरिका ने अपनी सुरक्षा नीति को भी स्पष्ट कर दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह का हस्तक्षेप किया गया, तो उस स्थिति से सख्ती और बलपूर्वक निपटा जाएगा। उन्होंने साफ़ कर दिया है कि यह कदम केवल उन निर्दोष लोगों, कंपनियों और देशों की मदद के लिए है जो परिस्थितियों के शिकार हुए हैं।