बीएपीएस ने अमेरिका में शोध संस्थान की स्थापना की

Edited By Updated: 22 Jun, 2022 02:52 PM

pti international story

वाशिंगटन, 22 जून (भाषा) अमेरिका में एक शीर्ष हिंदू आध्यात्मिक संगठन ने संस्कृत भाषा और पारंपरिक भारतीय शिक्षा के प्रति बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए एक शोध संस्थान स्थापित किया है जो इस तरह का पहला केंद्र है।

वाशिंगटन, 22 जून (भाषा) अमेरिका में एक शीर्ष हिंदू आध्यात्मिक संगठन ने संस्कृत भाषा और पारंपरिक भारतीय शिक्षा के प्रति बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए एक शोध संस्थान स्थापित किया है जो इस तरह का पहला केंद्र है।

इस संबंध में जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि महंत स्वामी महाराज ने न्यू जर्सी में आधिकारिक रूप से बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण (बीएपीएस) शोध संस्थान का उद्घाटन किया जो अहमदाबाद से डिजिटल माध्यम से समारोह में शामिल हुए।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि न्यू जर्सी के रॉबिंसविले में स्थित संस्थान संस्कृत, वैदिक तथा शास्त्रीय साहित्य की शिक्षा और हिंदू मान्यताओं, मूल्यों एवं प्रथाओं के जरिये सामाजिक सद्भाव, अंतर-धार्मिक संवाद, सार्वजनिक जीवन और अकादमिक विमर्श को बढ़ावा देने का प्रयास करेगा।

इसमें कहा गया है कि संस्कृत सीखने और हिंदू शास्त्रों की गहरी समझ हासिल करने में लोगों की बढ़ती रुचि को देखते हुए संस्थान की स्थापना की गई है और कार्यक्रम में 50 से अधिक हिंदू मंदिरों व संगठनों के 115 से अधिक प्रतिनिधि, अतिथि एवं विद्वान शामिल हुए।

महंत स्वामी महाराज ने अपने संबोधन में कहा, ''योगी जी महाराज ने ऐसे संस्थान की कल्पना की थी। वह संस्कृत सीखने व प्रवचन देने संबंधी युवाओं की रुचि को लेकर उत्साहित थे। शोध संस्थान ने इस विजन को पूरा किया है। छात्र अपनी पढ़ाई में उत्कृष्टता प्राप्त करें और 'वसुधैव कुटुम्बकम' की भावना के तहत दुनिया भर में एकता का विस्तार करते हुए समाज की सेवा करने के लिए मिलकर काम करें।'' उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता महामहोपाध्याय पूज्य भद्रेशदास स्वामी ने की जो हिंदू दर्शन और संस्कृत के दुनिया के अग्रणी विद्वानों में से एक हैं तथा संस्कृत एवं दार्शनिक ग्रंथों के लेखक हैं।



यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!