Edited By Tanuja,Updated: 04 Jan, 2026 05:44 PM

अमेरिका में ‘Feeding Our Future’ कोविड राहत घोटाले में शामिल सोमाली मूल के आरोपियों ने फर्जी बच्चों के भोजन कार्यक्रम दिखाकर करोड़ों डॉलर हड़पे। जांच में सामने आया कि यह पैसा केन्या, तुर्की और अमेरिका में लग्ज़री संपत्तियों, सुपरकार किराये और महंगे...
International Desk: अमेरिका में सामने आए Feeding Our Future कोविड-19 राहत घोटाले ने एक बार फिर सरकारी सहायता योजनाओं में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की पोल खोल दी है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, सोमाली मूल के कुछ आरोपियों ने बच्चों के लिए भोजन कार्यक्रम चलाने का झूठा दावा कर सैकड़ों मिलियन डॉलर की संघीय कोविड राहत राशि हड़प ली।
पैसा कहां-कहां उड़ा?
जांच में सामने आया कि घोटाले से मिली रकम का इस्तेमाल गरीब बच्चों की मदद के बजाय लक्ज़री जीवनशैली पर किया गया । लिबान यासिन अलीशिरे ने केन्या के एक हाई-एंड रिसॉर्ट में लगभग 3.5 लाख डॉलर खर्च किए। अबदियाज़िज़ शफीई फराह ने नैरोबी में जिम और पार्किंग सुविधाओं वाला 10 लाख डॉलर का तीन मंज़िला लग्ज़री अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स खड़ा किया। एमी बॉक और उनके साथी एम्प्रेस मैल्कम वॉटसन जूनियर ने लैंबोर्गिनी और रोल्स-रॉयस जैसी सुपरकारें 2,000 डॉलर प्रतिदिन के किराये पर लीं, लास वेगास यात्राएं कीं और 6.8 लाख डॉलर के गहने खरीदे। अयान जमा ने तुर्की में 3.65 लाख डॉलर का मेडिटेरेनियन कॉन्डो खरीदा।
सिस्टम पर सवाल
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, इस घोटाले में दोषी पाए गए लोगों को 28 साल तक की सज़ा और भारी भरकम रेस्टिट्यूशन (वसूली) का सामना करना पड़ सकता है। यह मामला मिनेसोटा में सामने आए करीब 9 अरब डॉलर के सोशल सर्विसेज़ घोटालों की कड़ी में सबसे बड़े मामलों में गिना जा रहा है। यह घोटाला सरकारी निगरानी तंत्र, NGO सत्यापन और आपातकालीन राहत योजनाओं की कमजोरियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है जहां जरूरतमंद बच्चों के नाम पर आया पैसा, कुछ लोगों की ऐशो-आराम की ज़िंदगी में बदल गया।