Edited By Pardeep,Updated: 07 Apr, 2026 11:02 PM

ईरान-अमेरिका युद्ध आज 39वां दिन है। वहीं व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि ईरान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई में परमाणु हथियार के इस्तेमाल की कोई बात नहीं कही गई है।
इंटरनेशनल डेस्कः ईरान-अमेरिका युद्ध आज 39वां दिन है। वहीं व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि ईरान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई में परमाणु हथियार के इस्तेमाल की कोई बात नहीं कही गई है। यह सफाई उस समय आई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और JD Vance के बयानों के बाद ऐसी अटकलें तेज हो गई थीं।
वेंस के बयान से बढ़ी चर्चा
जेडी वेंस ने कहा था कि अमेरिकी सेना के पास कई ऐसे विकल्प हैं, जिनका अभी तक इस्तेमाल नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान अपना रवैया नहीं बदलता, तो राष्ट्रपति ट्रंप इन विकल्पों के इस्तेमाल का फैसला ले सकते हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई कि शायद अमेरिका परमाणु हथियार का इस्तेमाल कर सकता है। The Guardian की एक रिपोर्ट में भी ऐसा दावा किया गया, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।
व्हाइट हाउस ने दावों को बताया गलत
व्हाइट हाउस ने X (ट्विटर) पर जवाब देते हुए कहा कि वेंस के बयान में परमाणु हथियार का कोई संकेत नहीं था, ऐसी खबरें भ्रामक हैं और लोगों को भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए।
ट्रंप की सख्त चेतावनी
विवाद इसलिए भी बढ़ा क्योंकि ट्रंप पहले ही ईरान को कड़ी चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अगर ईरान उनकी शर्तें नहीं मानता, तो “पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है।” ट्रंप ने ईरान को समझौते के लिए रात 8 बजे तक का समय दिया है (भारतीय समय के अनुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे)। अगर तब तक कोई समझौता नहीं होता, तो ईरान के अहम ढांचों पर हमले हो सकते हैं। Fox News को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि रात 8 बजे कुछ होने वाला है, अगर हम उस स्थिति तक पहुंचे, तो ऐसा हमला होगा जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।
ईरान का पलटवार—बातचीत बंद
ट्रंप की धमकी पर साउथ अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
ईरान ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों को कड़ा जवाब मिलेगा। यह जवाब उनकी प्राचीन सभ्यता की ताकत दिखाएगा। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक ट्रंप की धमकियों के बाद सभी कूटनीतिक और अप्रत्यक्ष बातचीत बंद हो गई है।
बढ़ते हमले और खतरा
ईरान ने यह भी कहा कि अब वह अपने खाड़ी पड़ोसियों के बुनियादी ढांचे पर हमला करने से पीछे नहीं हटेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक खाड़ी में एक जहाज पर हमला हुआ और सउदी अरब में अमेरिकी कंपनियों से जुड़े औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।