Edited By Pardeep,Updated: 03 Apr, 2026 01:15 AM

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने दुबई में स्थित Oracle के डेटा सेंटर को निशाना बनाया है। राज्य मीडिया के मुताबिक, यह कदम क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ ईरान की जवाबी कार्रवाई में तेजी...
इंटरनेशनल डेस्कः ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने दुबई में स्थित Oracle के डेटा सेंटर को निशाना बनाया है। राज्य मीडिया के मुताबिक, यह कदम क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ ईरान की जवाबी कार्रवाई में तेजी को दर्शाता है।
बयान में क्या कहा गया…
राज्य मीडिया द्वारा जारी बयान में IRGC ने कहा, “ईरान के गार्ड्स ने दुबई में Oracle डेटा सेंटर को निशाना बनाया।” हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
इससे पहले Amazon सेंटर पर भी दावा
इससे पहले भी IRGC ने दावा किया था कि उसने Amazon के क्लाउड कंप्यूटिंग सेंटर को Bahrain में निशाना बनाया। राज्य मीडिया के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान पर हुए हमलों के जवाब में की गई थी। इन लगातार दावों से संकेत मिलता है कि अब ईरान का फोकस खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता जा रहा है।
बड़ी चेतावनी… 18 अमेरिकी कंपनियां निशाने पर
गत मंगलवार को IRGC ने धमकी दी थी कि 1 अप्रैल से वह बड़ी अमेरिकी टेक और इंडस्ट्रियल कंपनियों को निशाना बनाएगा। बयान में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एप्पल, इंटेल, आईबीएम, टेस्ला और बोइंग समेत कुल 18 कंपनियों का नाम लिया गया था।
IRGC ने चेतावनी दी: “ईरान में हर आतंकी कार्रवाई के बदले इन कंपनियों की इकाइयों को निशाना बनाया जाएगा, 1 अप्रैल शाम 8 बजे (तेहरान समय) से।” साथ ही कहा गया कि अमेरिकी ICT और AI कंपनियां अब “वैध लक्ष्य” मानी जाएंगी।
कर्मचारियों को चेतावनी… तुरंत छोड़ें कार्यस्थल
IRGC ने इन कंपनियों के कर्मचारियों को तुरंत अपने कार्यस्थल छोड़ने की चेतावनी भी दी, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
अमेरिका का जवाब… हर हमले का मुकाबला करने को तैयार
इस धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका किसी भी संभावित हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, “अमेरिकी सेना ईरान के किसी भी हमले को रोकने के लिए तैयार है।” साथ ही यह भी बताया गया कि हालिया कार्रवाइयों के चलते मिसाइल और ड्रोन हमलों में पहले ही बड़ी गिरावट आई है।