Edited By Pardeep,Updated: 02 Apr, 2026 11:56 PM

मिडिल ईस्ट में जारी जंग का असर अब एशिया के घरों और दफ्तरों तक पहुंचने लगा है। अनवर इब्राहिम ने ऐलान किया है कि 15 अप्रैल से मलेशिया के सरकारी मंत्रालयों, एजेंसियों और सरकारी कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाएगा। यह फैसला ईंधन की बचत के लिए...
इंटरनेशनल डेस्कः मिडिल ईस्ट में जारी जंग का असर अब एशिया के घरों और दफ्तरों तक पहुंचने लगा है। अनवर इब्राहिम ने ऐलान किया है कि 15 अप्रैल से मलेशिया के सरकारी मंत्रालयों, एजेंसियों और सरकारी कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाएगा। यह फैसला ईंधन की बचत के लिए लिया गया है। उन्होंने साफ कहा कि कैबिनेट का उद्देश्य तेल की खपत कम करना और ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखना है।
सब्सिडी वाले तेल पर निर्भर मलेशिया… सप्लाई पर सीधा असर
मलेशिया काफी हद तक सब्सिडी वाले तेल पर निर्भर है और Strait of Hormuz के बंद रहने से सप्लाई प्रभावित हुई है। सरकार ने तेल की मासिक सब्सिडी सीमा 300 लीटर से घटाकर 200 लीटर कर दी है। वहीं राष्ट्रीय ऊर्जा कंपनी Petronas के जहाज होर्मुज पार करने की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।
चीन में हवाई किराए बढ़े… एयरलाइंस ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज
चीन की प्रमुख एयरलाइंस जैसे Air China, China Southern Airlines और Xiamen Airlines ने घरेलू उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है। छोटे रूट पर 60 युआन और लंबे रूट पर 120 युआन तक की बढ़ोतरी हुई है। बजट एयरलाइंस भी इसी रास्ते पर चल पड़ी हैं।दरअसल, कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है, जिससे जेट फ्यूल महंगा हो रहा है और इसका असर जल्द अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए पर भी दिखेगा।
एशिया के कई देश अपना रहे हैं नए उपाय
हांगकांग की Cathay Pacific पहले ही फ्यूल सरचार्ज 34% तक बढ़ा चुकी है।
- वियतनाम: कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम अपनाने की सलाह
- पाकिस्तान: चार दिन का वर्क वीक और कुछ सेक्टर में WFH
- थाईलैंड और फिलीपींस: लचीले काम के घंटे
- म्यांमार: ऑड-ईवन (सम-विषम) गाड़ियों की व्यवस्था
यानी सिर्फ मलेशिया ही नहीं, पूरा एशिया इस संकट से निपटने के लिए अलग-अलग जुगाड़ अपना रहा है।
भारत में क्या है स्थिति… क्या लागू होगा वर्क फ्रॉम होम?
भारत में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतें नियंत्रित रखी गई हैं, लेकिन हवाई किराए पहले ही बढ़ चुके हैं। ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर भी दबाव बढ़ रहा है। हालांकि सरकार का कहना है कि देश के पास लगभग 60 दिनों का क्रूड ऑयल रिजर्व मौजूद है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं। ऐसे में फिलहाल भारत में वर्क फ्रॉम होम जैसे बड़े कदम उठाए जाने की संभावना कम नजर आ रही है।