Edited By Tanuja,Updated: 20 May, 2026 05:32 PM

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान समझौते के लिए “बेहद बेताब” है और इससे जल्द ईरान युद्ध खत्म हो सकता है। ट्रंप के बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में हल्की नरमी आई, हालांकि वैश्विक बाजार अब भी तनाव में है।
International Desk: अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान अब समझौता करने के लिए “बेहद बेताब” है और बहुत जल्द युद्ध समाप्त हो सकता है। ट्रंप के इस बयान से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हल्की नरमी देखने को मिली। हालांकि कच्चे तेल की कीमतें अब भी 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं।
व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास भारी मात्रा में तेल भंडार है और अगर समझौता हो जाता है, तो वैश्विक बाजार में सप्लाई बढ़ेगी, जिससे क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से गिर सकती हैं। उन्होंने कहा, “वे समझौता करने के लिए इतने बेताब हैं कि आप तेल की कीमतों में जल्द बड़ी गिरावट देखेंगे।”ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि अमेरिका ईरान पर सैन्य हमला करने के बेहद करीब पहुंच चुका था। उनके अनुसार, हमला शुरू होने से लगभग एक घंटे पहले कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीनजैसे देशों ने मध्यस्थता की अपील की।
ट्रंप ने कहा कि इन देशों ने बताया कि तेहरान शांति वार्ता में “उचित रवैया” अपना रहा है, जिसके बाद उन्होंने हमले का फैसला टाल दिया। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। ट्रंप के मुताबिक अगर ईरान परमाणु शक्ति बन गया, तो इससे पूरे पश्चिम एशिया में परमाणु हथियारों की दौड़ शुरू हो सकती है।
इस बीच, तेल बाजार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि हालात अब भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। अगर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सफल होती है, तो तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट संभव है। लेकिन यदि फिर से सैन्य कार्रवाई होती है, तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। होर्मुज स्ट्रेट में जारी तनाव की वजह से वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव बना हुआ है। इसका असर भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और यूरोप समेत कई देशों में ईंधन कीमतों और महंगाई पर दिखाई दे रहा है।