बांग्लादेश में संप्रदायिक हिंसा पर भड़की तुलसी गबार्ड, पाकिस्तान पर साधा निशाना (Video)

Edited By Updated: 23 Oct, 2021 01:22 PM

tulsi gabbard condemns attack on hindus in bangladesh

अमेरिकी कांग्रेस की पूर्व सदस्य तुलसी गबार्ड ने बांग्लादेश में संप्रदायिक हिंसा पर जहां पाकिस्तान पर निशाना साधा वहीं हसीना सरकार से ...

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिकी कांग्रेस की पूर्व सदस्य तुलसी गबार्ड ने बांग्लादेश में संप्रदायिक हिंसा पर जहां पाकिस्तान पर निशाना साधा वहीं हसीना सरकार से जिहादी ताकतों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की। तुलसी गबार्ड ने कहा, “यह बांग्लादेश की ‘कथित धर्मनिरपेक्ष’ सरकार का कर्तव्य है कि वह अपने देश के अल्पसंख्यकों, जिनमें हिंदू, ईसाई और बौद्ध शामिल हैं, को जिहादी ताकतों से बचाए।”

 

अमेरिका में  राष्ट्रपति पद की दमदार उम्मीदवार रही तुलसी गबार्ड ने  बांग्लादेश में  सांप्रदायिक हिंसा पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इसकी शुरूआत पाकिस्तान ने 50 साल पहले बंगाली हिंदुओं के जनसंहार के साथ कर दी थी । उन्होंने कहा कि पाक आर्मी  व  जिहादियों ने तब हिंदुओं का सामूहिक कत्लेआम किया व महिलओं के साथ  रेप किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी जिहादी फिर सिर उठा रहे हैं और अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं इस लिए इन पर लगाम लगाना जरूरी है।

 

गबार्ड ने कहा कि बांग्लादेश में मंदिरों में भगवान के भक्तों के प्रति इस तरह की नफरत और हिंसा देखकर मेरा दिल टूट गया। उन्होंने कहा कि जिहादियों को लगता है कि मंदिरों को जलाने और नष्ट करने से अल्लाह खुश होगा। ए सी भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद की मूर्ति को अपवित्र करना दर्शाता है कि वे वास्तव में भगवान से कितने दूर हैं। उन्होंने आगे कहा, “ईश्वर प्रेम है और उसके सच्चे सेवक संसार में उस प्रेम को मूर्त रूप देते हैं।”

 

बता दें कि स्वामी प्रभुपाद ने इंटरनेशनल सोसाइटी फार कृष्णा कान्शियसनेस (ISKCON) की स्थापना की, जिसे आमतौर पर 'हरे कृष्ण मूवमेंट के रूप में जाना जाता है। पिछले कुछ दिनों से बांग्लादेश में सांप्रदायिक तनाव बना हुआ है। देश भर के कई जिलों में हिंसा हुई है। गत बुधवार को दुर्गा पूजा समारोह के दौरान हिंदुओं और उनके मंदिरों पर हमले हुए थे और उसके बाद से ऐसी घटनाएं जारी हैं। रविवार को भीड़ ने हिंदुओं के 66 घरों को जला दिया था। 13 अक्टूबर को चांदपुर के हाजीगंज में पूजा स्थलों पर हमले के दौरान पुलिस की गोलीबारी में कम से कम चार लोग मारे गए और नोआखली के चौमुहानी में हिंदू मंदिरों पर हमले में 15 अक्टूबर को दो लोगों की मौत हो गई।

 

देश के अलग-अलग हिस्सों में कम से कम 71 मामले दर्ज किए गए हैं। 450 लोगों को सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गबार्ड ने बांग्लादेश सरकार से देश के धार्मिक अल्पसंख्यकों को जिहादी ताकतों से बचाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'बांग्लादेश की कथित धर्मनिरपेक्ष सरकार के लिए समय आ गया है कि वह देश के धार्मिक अल्पसंख्यकों हिंदू, ईसाई और बौद्ध को नफरत की जिहादी ताकतों से बचाएं।'

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