Edited By Sahil Kumar,Updated: 24 Mar, 2026 03:42 PM
24 मार्च को देशभर में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। हालांकि पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर संकट के कारण गैस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। सरकार ने पर्याप्त स्टॉक का भरोसा दिया है और घरेलू...
नेशनल डेस्कः पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच देश में एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता गहराती जा रही है। हालांकि 24 मार्च को सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट ने भविष्य में गैस की उपलब्धता और कीमतों को लेकर आशंकाएं बढ़ा दी हैं।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर अब भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर भी दिखाई देने लगा है। देश अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60-65 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से करीब 90 प्रतिशत आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते होती है। कुछ क्षेत्रों में सप्लाई प्रभावित होने की खबरों के बीच सरकार ने आश्वासन दिया है कि फिलहाल देश में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सरकार ने एलपीजी को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत शामिल किया है। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि कमर्शियल उपभोक्ताओं की सप्लाई को उनकी जरूरत के लगभग 20 प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया है। इसका उद्देश्य आम जनता की रसोई पर किसी भी तरह का असर न पड़ने देना है।
मार्च की शुरुआत में बढ़े थे दाम
गौरतलब है कि 7 मार्च को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। घरेलू 14.2 किलोग्राम सिलेंडर ₹60 महंगा हुआ था, जबकि 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹115 बढ़ाए गए थे। इसके बाद से अब तक कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
प्रमुख शहरों में आज के रेट
नई दिल्ली: घरेलू ₹913 | कमर्शियल ₹1,884.50
मुंबई: घरेलू ₹912.50 | कमर्शियल ₹1,836
कोलकाता: घरेलू ₹939 | कमर्शियल ₹1,988.50
चेन्नई: घरेलू ₹928.50 | कमर्शियल ₹2,043.50
हैदराबाद: घरेलू ₹965 | कमर्शियल ₹2,105.50
लखनऊ: घरेलू ₹950.50 | कमर्शियल ₹2,007
बेंगलुरु: घरेलू ₹915.50 | कमर्शियल ₹1,958
पटना: घरेलू ₹1,002.50 | कमर्शियल ₹2,133.50
सप्लाई मजबूत करने के प्रयास
सरकार गैस आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए कई कदम उठा रही है। शहरी गैस वितरण परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी दी जा रही है और पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही, CGD परियोजनाओं को 10 दिनों के भीतर मंजूरी देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। सरकार चाहती है कि बड़े शहरों में कमर्शियल उपयोग के लिए एलपीजी पर निर्भरता कम हो।
स्टॉक बढ़ाने की योजना
फिलहाल तेल कंपनियां केवल 2-3 दिन का एलपीजी स्टॉक रखती हैं, जो आपात स्थिति में पर्याप्त नहीं माना जाता। इसे देखते हुए सरकार दीर्घकालिक भंडारण बढ़ाने और भूमिगत कैवर्न स्टोरेज विकसित करने की योजना बना रही है।
आयात के नए स्रोतों की तलाश
एलपीजी आपूर्ति को सुरक्षित बनाने के लिए भारत अब अमेरिका और कनाडा जैसे देशों से आयात बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है। इस दिशा में हाल ही में एक समझौता भी हुआ है, जिसके तहत कुल आयात का लगभग 10 प्रतिशत अमेरिका से आएगा।
आगे क्या महंगे होंगे सिलेंडर?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव लंबा खिंचता है और आपूर्ति बाधित होती है, तो एलपीजी की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल दाम स्थिर हैं, लेकिन आगे की स्थिति पूरी तरह वैश्विक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।