Edited By Tanuja,Updated: 15 Sep, 2026 06:16 PM

कनाडा में रहने वाली प्रोडक्ट डिजाइनर हेइगी जियोंग ने करीब 1.53 करोड़ रुपये सालाना की नौकरी छोड़कर कंटेंट क्रिएशन और लेखन शुरू किया। जुलाई में कंटेंट से उन्हें सिर्फ 6 डॉलर यानी करीब 500 रुपये मिले। इसके बावजूद वह खुश हैं। उन्होंने खुद को एक साल का...
Seoul: करोड़ों रुपये की सालाना सैलरी वाली नौकरी छोड़ना ज्यादातर लोगों के लिए कल्पना से बाहर की बात होगी। लेकिन कनाडा में रहने वाली प्रोडक्ट डिजाइनर हेइगी जियोंग ने यह फैसला लिया। करीब 1.53 करोड़ रुपये सालाना की नौकरी, तय काम के घंटे और अच्छा काम-जीवन संतुलन होने के बावजूद उन्होंने कॉरपोरेट नौकरी छोड़कर कंटेंट क्रिएशन और लेखन को अपना नया रास्ता चुना। दिलचस्प बात यह है कि नौकरी छोड़ने के बाद एक महीने कंटेंट से उनकी कमाई महज 6 डॉलर यानी करीब 500 रुपये रही। फिर भी उन्हें अपने फैसले पर पछतावा नहीं है।
1.53 करोड़ की नौकरी में आखिर क्या कमी थी?
बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, जियोंग 2020 में दक्षिण कोरिया से टोरंटो आई थीं। यहां उन्होंने एक तकनीकी कंपनी में इन-हाउस प्रोडक्ट डिजाइनर के तौर पर काम शुरू किया। उनकी जिम्मेदारी मोबाइल ऐप और वेबसाइट के डिजाइन से जुड़ी थी। इस नौकरी से उन्हें सालाना करीब 1,73,000 डॉलर मिलते थे, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 1.53 करोड़ रुपये बैठते हैं। वह आमतौर पर सप्ताह में करीब 40 घंटे काम करती थीं और उनका काम सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलता था। यानी न तो उनकी नौकरी खराब थी और न ही वे अत्यधिक काम के दबाव में थीं। इसके बावजूद उन्होंने इसे छोड़ने का फैसला किया।
जियोंग ने बताया कि उन्हें अपनी नौकरी से कोई खास परेशानी नहीं थी और न ही वह बर्नआउट का सामना कर रही थीं। असली समस्या तब शुरू हुई जब उन्होंने नौकरी के साथ कंटेंट क्रिएशन भी शुरू किया। इसी दौरान उन्हें किताब लिखने का प्रस्ताव भी मिल गया। अब उनके सामने एक साथ नौकरी करने, किताब लिखने और कंटेंट तैयार करने की जिम्मेदारी थी। उन्हें महसूस हुआ कि वह एक साथ तीन पूर्णकालिक नौकरियां कर रही हैं। यहीं से उन्होंने अपने करियर को लेकर बड़ा फैसला लेने के बारे में सोचना शुरू किया।
खुद को दिया सिर्फ एक साल का मौका
करोड़ों रुपये की नियमित आय छोड़ना उनके लिए आसान नहीं था। इस्तीफा देने से पहले कई हफ्तों तक उनके मन में यह डर बना रहा कि कहीं बाद में उन्हें अपने फैसले पर पछतावा न हो। आखिरकार उन्होंने खुद को सिर्फ एक साल का समय देने का फैसला किया। जून 2026 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी। अब वह पूरी तरह कंटेंट क्रिएशन और लेखन पर ध्यान दे रही हैं। उनका फैसला स्थायी नहीं है। एक साल पूरा होने के बाद वह यह तय करेंगी कि इसी रास्ते पर आगे बढ़ना है या फिर कॉरपोरेट दुनिया में वापस लौटना है।
नौकरी गई तो कमाई भी जमीन पर आ गई
नौकरी छोड़ने के बाद उनकी आय में भारी उतार-चढ़ाव आया। जुलाई में भुगतान में देरी के कारण कंटेंट क्रिएशन से उन्हें सिर्फ 6 डॉलर यानी करीब 500 रुपये मिले। 1.53 करोड़ रुपये सालाना कमाने वाली महिला के लिए 500 रुपये की यह रकम सुनकर किसी को भी बड़ा झटका लग सकता है। लेकिन यह उनकी कुल आय नहीं थी। उन्हें अपनी किताब का अग्रिम भी मिला है और आने वाले महीनों में उनकी कमाई पुराने वेतन से ज्यादा भी हो सकती है। फर्क सिर्फ इतना है कि अब हर महीने एक जैसी आय की गारंटी नहीं है। किसी महीने कमाई बहुत कम हो सकती है, जबकि किसी दूसरे महीने अच्छी रकम आ सकती है।
आजादी मिली
अपना काम करने से जियोंग को एक बड़ी आजादी मिली है। अब उन्हें किसी कार्यालय की तय समय-सारणी के मुताबिक काम नहीं करना पड़ता। लेकिन इसके साथ एक नई परेशानी भी आई है। कॉरपोरेट नौकरी में शाम होते ही काम से दूरी बनाना आसान था। अब ऐसा नहीं है। अपना काम होने के कारण हमेशा कुछ न कुछ करने को बचा रहता है। काम खत्म होने का कोई निश्चित समय नहीं है। इसके बावजूद नौकरी छोड़ने के करीब तीन महीने बाद भी वह अपने फैसले से संतुष्ट हैं।जियोंग का मानना है कि अगर एक साल बाद उन्हें दोबारा कॉरपोरेट नौकरी में लौटना पड़ा, तब भी उनका यह प्रयोग बेकार नहीं जाएगा। उनके लिए सबसे बड़ा पछतावा नौकरी छोड़ने का नहीं होगा। बल्कि उन्हें इस बात का अफसोस ज्यादा होता कि उन्होंने कभी यह जानने की कोशिश ही नहीं की कि एक सुरक्षित और करोड़ों की नौकरी छोड़कर वह अपने दम पर कितना आगे बढ़ सकती हैं।