रिजर्व बैंक मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों के मोर्चे पर यथास्थिति कायम रखेगा : विशेषज्ञ

Edited By Updated: 01 Aug, 2021 04:25 PM

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मुंबई, एक अगस्त (भाषा) कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर की आशंका तथा खुदरा मुद्रास्फीति के बढ़ने के बीच भारतीय रिजर्व बैंक इस सप्ताह प्रमुख नीतिगत दरों को यथावत रख सकता है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की द्विमासिक तीन दिन की बैठक...

मुंबई, एक अगस्त (भाषा) कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर की आशंका तथा खुदरा मुद्रास्फीति के बढ़ने के बीच भारतीय रिजर्व बैंक इस सप्ताह प्रमुख नीतिगत दरों को यथावत रख सकता है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की द्विमासिक तीन दिन की बैठक चार अगस्त को शुरू हो रही है। बैठक के नतीजे छह अगस्त को आएंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्रीय बैंक कोई निर्णायक कार्रवाई करने से पहले वृहद आर्थिक स्थिति को कुछ और समय देखेगा।
रिजर्व बैंक के गवर्नर की अगुवाई वाली छह सदस्यीय एमपीसी महत्वपूर्ण नीतिगत दरों पर फैसला लेती है। पिछली बैठक में एमपीसी ने ब्याज दरों को यथावत रखा था।
डेलॉयट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा, ‘‘कुछ औद्योगिक देशो में तेज सुधार के बाद जिंसों के ऊंचे दाम तथा वैश्विक स्तर पर कीमतों में बढ़ोतरी का उत्पादन की लागत पर असर पड़ेगा। हमारा मानना है कि अभी रिजर्व बैंक देखो और इंतजार करो की नीति अपनाएगा क्योंकि इसके बाद मौद्रिक नीति में बदलाव की सीमित गुंजाइश ही है।’’
श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) उमेश रेवंकर ने कहा कि ऊंची मुद्रास्फीति के बावजूद केंद्रीय बैंक रेपो दर को मौजूदा स्तर पर कायम रखेगा।
पीडब्ल्यूसी इंडिया के लीडर-आर्थिक सलाहकार सेवाएं रानेन बनर्जी ने कहा कि अमेरिकी एफओएमसी तथा अन्य प्रमुख मौद्रिक प्राधिकरणों ने यथास्थिति को कायम रखा है। ‘‘हम एमपीसी से भी इसी तरह की यथास्थिति की उम्मीद कर सकते हैं।’’
बोफा ग्लोबल रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति छह अगस्त की समीक्षा में यथास्थिति को कायम रखेगी। हालांकि, एमपीसी द्वारा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के अनुमान को 5.1 प्रतिशत से बढ़ाया जा सकता है।

डीबीएस ग्रुप रिसर्च की अर्थशास्त्री राधिका राव की शोध रिपोर्ट के अनुसार छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति अगस्त में देखो और इंतजार करो का रुख अपनाएगी।
जून में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 6.26 प्रतिशत रही है। इससे पिछले महीने यह 6.3 प्रतिशत पर थी।


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