No Cash Received from ATM: ATM से पैसे नहीं निकले, खाते से कट गए… कोर्ट ने बैंक को दिया बड़ा आदेश

Edited By Updated: 16 Mar, 2026 12:43 PM

no cash received from atm customer gets justice after 8 years

कई बार ऐसा होता है कि एटीएम से पैसे निकालते समय खाते से रकम कट जाती है लेकिन मशीन से नकदी नहीं निकलती। अधिकांश लोग इसे तकनीकी गड़बड़ी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन ऐसा करना ठीक नहीं है। महाराष्ट्र में सामने आए एक मामले में उपभोक्ता आयोग ने इसे...

बिजनेस डेस्कः कई बार ऐसा होता है कि एटीएम से पैसे निकालते समय खाते से रकम कट जाती है लेकिन मशीन से नकदी नहीं निकलती। अधिकांश लोग इसे तकनीकी गड़बड़ी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन ऐसा करना ठीक नहीं है। महाराष्ट्र में सामने आए एक मामले में उपभोक्ता आयोग ने इसे बैंक की गंभीर लापरवाही मानते हुए बैंक को ग्राहक को रकम लौटाने और मुआवजा देने का आदेश दिया है।

महाराष्ट्र के नागपुर स्थित जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सेवा में कमी के मामले में Axis Bank को फटकार लगाते हुए एक ग्राहक को 5,000 रुपए लौटाने और 10,000 रुपए मुआवजा देने का निर्देश दिया है। यह मामला करीब आठ साल पुराना है, जब एक असफल एटीएम लेनदेन में ग्राहक के खाते से पैसे कट गए थे लेकिन उसे नकदी नहीं मिली।

बैंक की जिम्मेदारी बताई

आयोग ने कहा कि यदि एटीएम लेनदेन के दौरान खाते से पैसे कट जाएं और ग्राहक को नकदी न मिले, तो इसकी जांच करना और तुरंत समाधान देना बैंक की जिम्मेदारी है लेकिन इस मामले में बैंक ने ग्राहक की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और उचित कार्रवाई करने में विफल रहा।

2018 का मामला

यह घटना 19 अगस्त 2018 की है। नागपुर निवासी शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने एटीएम से 5,000 रुपए निकालने की कोशिश की लेकिन मशीन से पैसे नहीं निकले जबकि उसके खाते से रकम डेबिट हो गई।

नोटिस के बावजूद बैंक नहीं पहुंचा

मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष सतीश सप्रे और सदस्य मिलिंद केदार ने एकपक्षीय रूप से की, क्योंकि कानूनी नोटिस भेजे जाने के बावजूद बैंक का कोई प्रतिनिधि आयोग के सामने पेश नहीं हुआ। आयोग ने कहा कि बैंक यह साबित करने के लिए भी कोई साक्ष्य नहीं दे पाया कि उसने मामले की ठीक से जांच की या एटीएम के सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की।

सेवा में कमी मानी गई

आयोग ने माना कि खाते से रकम कटने के बावजूद नकदी न मिलना बैंक की सेवा में कमी को दर्शाता है। इसलिए बैंक को ग्राहक को 5,000 रुपए वापस करने और मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न के लिए 10,000 रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया गया।

आयोग ने यह भी कहा कि अगर किसी ग्राहक के साथ ऐसा होता है, तो उसे तुरंत बैंक को शिकायत दर्ज करानी चाहिए और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए।

 
 

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