Edited By Parveen Kumar,Updated: 10 Mar, 2026 12:48 AM

दिल्ली के निहाल विहार में सोमवार को एक तेज रफ्तार डीटीसी बस ने कई वाहनों को टक्कर मार दी जिससे दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि इस घटना के बाद उग्र भीड़ ने संबंधित बस में तोड़फोड़ की...
नेशनल डेस्क : दिल्ली के निहाल विहार में सोमवार को एक तेज रफ्तार डीटीसी बस ने कई वाहनों को टक्कर मार दी जिससे दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि इस घटना के बाद उग्र भीड़ ने संबंधित बस में तोड़फोड़ की और एक अन्य डीटीसी बस में आग लगा दी। पुलिस ने बताया कि चालक को पकड़ लिया गया है। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना में शामिल बस के चालक दीपक को पकड़ लिया गया है और पूछताछ जारी है। मृतकों की पहचान रविकांत (32) और कमलजीत (39) के रूप में हुई है। इस दुर्घटना में 20 वर्षीय एक महिला और 23 वर्षीय एक पुरुष (जिसकी पहचान अमन के रूप में हुई है) घायल हो गए।
पुलिस ने बताया कि उन्हें निहाल विहार स्थित मानसा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि वे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं ताकि यह पुष्टि हो सके कि यह लापरवाही से वाहन चलाने या किसी तकनीकी खराबी का मामला था। पुलिस ने बताया कि सुबह 9:45 बजे सूचना मिली कि नजफगढ़ की तरफ से आ रही एक डीटीसी बस ने नजफगढ़-नांगलोई रोड पर एक स्कूटर, एक मोटरसाइकिल, एक रिक्शा और कुछ पैदल यात्रियों को टक्कर मार दी है। पुलिस उपायुक्त (बाहरी) विक्रम सिंह ने एक बयान में कहा, "इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक पुरुष और एक महिला घायल हो गए और उन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।" उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
बयान में कहा गया है, "डीटीसी बस चालक दीपक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने, जान जोखिम में डालने और लापरवाही से मौत के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। बस को नुकसान पहुंचाने, पथराव करने और आग लगाने में शामिल अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक अन्य प्राथमिकी दर्ज की गई है।" एक अधिकारी ने बताया कि घटना के तुरंत बाद करीब 500 लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने दुर्घटना में शामिल बस को क्षतिग्रस्त कर दिया और नांगलोई की तरफ से आ रही एक अन्य डीटीसी बस में आग लगा दी। डीटीसी अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल के पास खड़ी पांच अन्य बसों को भी मामूली नुकसान पहुंचा है।
रविकांत के भाई शशिकांत ने 'पीटीआई भाषा' को बताया कि यह दुर्घटना सुबह करीब 9:30 बजे हुई और आरोप लगाया कि एक स्थानीय अस्पताल ने उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया। पीड़ित अन्य व्यक्ति कमलजीत के भाई मनीष ने 'पीटीआई भाषा' को बताया कि वह एक सेल्समैन के रूप में काम करता था। पुलिस ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में कथित तौर पर एक डीटीसी बस आग की लपटों में घिरी हुई दिखाई दे रही है, जबकि आसपास के लोग अपने मोबाइल फोन पर इस दृश्य को रिकॉर्ड कर रहे हैं और पृष्ठभूमि में पुलिस सायरन की आवाज सुनाई दे रही है।
सूत्रों के अनुसार, जिस बस में आग लगाई गई उसमें छह यात्री सवार थे, लेकिन आग लगाने से पहले ही उन्हें बस से उतरने के लिए कहा गया था। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 10 बजे एक बस में आग लगने की सूचना मिली। डीएफएस के एक अधिकारी ने बताया, "एक बस आग की लपटों में घिरी हुई थी और कुछ अन्य वाहनों की खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गई थीं। पूर्वाह्न 11 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।"