सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, 8th Pay Commission लागू होते 58500 रुपये हो जाएगी चपरासी की सैलरी!

Edited By Updated: 21 Feb, 2026 08:37 AM

8th pay commission peon s salary will be rs 58500 fitment factor

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए साल 2026 उम्मीदों का पिटारा लेकर आया है। जहां एक ओर होली की खुशियां नजदीक हैं, वहीं दूसरी ओर 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर सरकारी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सबसे ज्यादा चर्चा 'फिटमेंट...

नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए साल 2026 उम्मीदों का पिटारा लेकर आया है। जहां एक ओर होली की खुशियां नजदीक हैं, वहीं दूसरी ओर 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर सरकारी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सबसे ज्यादा चर्चा 'फिटमेंट फैक्टर' को लेकर है, जो तय करेगा कि आपकी जेब में आने वाली सैलरी में कितना बड़ा उछाल आएगा।

क्या है फिटमेंट फैक्टर का गणित?
फिटमेंट फैक्टर वह जादुई नंबर (Multiplier) है जिससे आपकी बेसिक सैलरी तय होती है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था, जिसने न्यूनतम वेतन को ₹7,000 से बढ़ाकर ₹18,000 कर दिया था। इस बार कर्मचारी यूनियनें इसे 2.86 से 3.25 तक ले जाने की मांग कर रही हैं।

Salary increment का संभावित अनुमान (न्यूनतम सैलरी ₹18,000 पर)

Fitment Factor (संभावित)      नई न्यूनतम बेसिक सैलरी

3.25 (अधिकतम मांग)                   ₹58,500
3.00 (मध्यम अनुमान)                   ₹54,000
2.86 (यूनियन की मांग)                 ₹51,480

25 फरवरी की 'सुपर मीटिंग' पर सबकी नजरें
आगामी 25 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में एक निर्णायक बैठक होने जा रही है। नेशनल काउंसिल (JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी इस दिन एक संयुक्त मेमोरेंडम तैयार करेगी। इस दस्तावेज़ में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सभी मांगों को संकलित कर वेतन आयोग को सौंपा जाएगा। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद सरकार के रुख में और स्पष्टता आएगी।

पेंशनभोगियों को भी मिलेगा बड़ा तोहफा
यह सौगात सिर्फ मौजूदा कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। फिटमेंट फैक्टर में होने वाली किसी भी बढ़ोतरी का सीधा लाभ पेंशनभोगियों (Pensioners) को भी मिलेगा। अगर फिटमेंट फैक्टर 3.0 के पार जाता है, तो बुजुर्गों की मासिक पेंशन में भी सम्मानजनक वृद्धि देखने को मिलेगी।

विशेष नोट: हालांकि सोशल मीडिया पर ₹58,500 की चर्चा काफी तेज है, लेकिन कुछ आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार बजट संतुलन बनाए रखने के लिए फिटमेंट फैक्टर को 1.83 से 2.5 के बीच रख सकती है। ऐसी स्थिति में न्यूनतम वेतन ₹35,000 से ₹45,000 के आसपास रह सकता है।

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