Edited By Radhika,Updated: 08 Jun, 2026 02:38 PM

दिल्ली में सोमवार यानि की 8 जून को INDIA ब्लॉक की महत्वपूर्ण बैठक में आयोजित की गई। इस बैठक से AAP और DMK ने दूरी बनाई है। इन दोनों दलों के बैठक में शामिल न होने पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, वहीं तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK ने...
नेशनल डेस्क: दिल्ली में सोमवार यानि की 8 जून को INDIA ब्लॉक की महत्वपूर्ण बैठक में आयोजित की गई। इस बैठक से AAP और DMK ने दूरी बनाई है। इन दोनों दलों के बैठक में शामिल न होने पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, वहीं तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उदित राज का DMK और AAP पर हमला
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उदित राज ने इस मामले पर गठबंधन का रुख रखते हुए कहा कि बैठक से दूरी बनाना खुद DMK के लिए नुकसानदेह साबित होगा। उन्होंने कहा कि "गठबंधन से अलग होने से DMK खुद कमजोर होगी और हम ऐसा बिल्कुल नहीं चाहते। अगर वे इस मोर्चे का हिस्सा नहीं बनते हैं, तो उनके पास दो ही रास्ते बचेंगे या तो वे न्यूट्रल (तटस्थ) रहें या फिर बीजेपी की मदद करें। मौजूदा राजनीतिक माहौल में तटस्थ रहने का सीधा मतलब बीजेपी को फायदा पहुँचाना ही है।" उदित राज ने DMK की वैचारिक पृष्ठभूमि की याद दिलाते हुए कहा कि बीजेपी और DMK की विचारधारा में कोई मेल नहीं है। यदि वे देश में संविधान और आरक्षण की रक्षा करना चाहते हैं, तो उन्हें इस गठबंधन के साथ खड़ा होना ही होगा, क्योंकि तमिलनाडु में DMK की बुनियाद ही सामाजिक न्याय पर टिकी है।
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आम आदमी पार्टी पर भी साधा निशाना
AAP के बैठक में न आने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस समय अपने आंतरिक अंतर्विरोधों और संकट से जूझ रही है। पंजाब से आ रही खबरें इसका उदाहरण हैं। उन्होंने आशंका जताई कि अगर AAP इसी तरह कमजोर होती रही, तो भविष्य में उसका बीजेपी में विलय भी हो सकता है।
DMK ने किया पलटवार
दूसरी तरफ, DMK ने कांग्रेस पर बेहद संगीन आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार करने के अपने फैसले को सही ठहराया है। तमिलनाडु चुनावों के बाद पैदा हुए सियासी समीकरणों और कांग्रेस के रवैये से नाराज DMK ने अब दूरी बना ली है। पार्टी प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने गठबंधन की बैठक का बॉयकॉट करने की पुष्टि करते हुए कहा कि DMK उस मंच या बैठक का हिस्सा नहीं बन सकती जहां कांग्रेस मौजूद हो। कांग्रेस ने हमेशा सहयोगियों की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है। तमिलनाडु में हमारे कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और पसीने की बदौलत कांग्रेस को फायदा मिला, और काम निकलते ही उन्होंने पाला बदल लिया। यह राजनीतिक अवसरवाद का सबसे बड़ा उदाहरण है।