Edited By Radhika,Updated: 27 Mar, 2026 05:16 PM

भारत सरकार ने आज पेट्रोल- डीजल की कीमतों पर एक्साइड ड्यूटी को कम कर दिया है। इससे तेल कंपनियों को बड़ी राहत मिली है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि, जिस पेट्रोल के लिए आप तकरीबन 95 रुपए की कीमत अदा करते हैं उसकी असल कीमत क्या है।
नेशनल डेस्क : भारत सरकार ने आज पेट्रोल- डीजल की कीमतों पर एक्साइड ड्यूटी को कम कर दिया है। इससे तेल कंपनियों को बड़ी राहत मिली है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि, जिस पेट्रोल के लिए आप तकरीबन 95 रुपए की कीमत अदा करते हैं उसकी असल कीमत क्या है। आइए, दिल्ली के आंकड़ों के जरिए आपको बताते हैं कि बिना टैक्स के पेट्रोल की असल कीमत क्या है?
पेट्रोल पर कितने तरह के लगते हैं टैक्स?
भारत में पेट्रोल-डीजल GST के दायरे से बाहर हैं, इसलिए इन पर केंद्र और राज्य सरकारें अपने-अपने हिसाब से टैक्स वसूलती हैं। मुख्य रूप से चार तरह के टैक्स लगते हैं, जो इस प्रकार हैं-
- बेसिक एक्साइज ड्यूटी: केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला मूल कर।
- SAED (विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क): यह टैक्स का सबसे बड़ा हिस्सा होता है। हाल ही में सरकार ने इसी में कटौती की है।
- कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर सेस: खेती और सड़कों के विकास के लिए लिया जाने वाला उपकर।
- वैट (VAT): राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला मूल्य वर्धित कर, जो हर राज्य में अलग-अलग होता है।

उदाहरण से समझें पूरा कैलकुलेशन
1 अगस्त 2025 और मार्च 2026 के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पेट्रोल की अंतिम कीमत में टैक्स का योगदान कितना भारी है:
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घटक (Components)
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विवरण (Description)
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कीमत (दिल्ली - ₹/लीटर)
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बेस प्राइस
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रिफाइनरी से निकलने वाली कीमत
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₹52.83
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भाड़ा (Freight)
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ट्रांसपोर्टेशन खर्च
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₹0.24
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एक्साइज ड्यूटी
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केंद्र सरकार का टैक्स
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₹11.9 (कटौती के बाद)
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डीलर कमीशन
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पंप मालिक का मुनाफा
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₹4.40
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वैट (VAT)
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दिल्ली सरकार का टैक्स
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₹15.40
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अंतिम रिटेल कीमत
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उपभोक्ता जो भुगतान करता है
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₹94.77 (लगभग)
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अगर टैक्स न लगे तो क्या होगी कीमत?
अगर सरकार पेट्रोल पर से सभी तरह के टैक्स (एक्साइज और वैट) हटा दे, तो एक लीटर पेट्रोल की कीमत मात्र ₹52 से ₹54 के बीच रह जाएगी। यानी आप जो कीमत चुका रहे हैं, उसका लगभग 40% से अधिक हिस्सा केवल टैक्स और कमीशन के रूप में सरकारों और डीलरों के पास जा रहा है।

सरकार ने टैक्स घटाया, तो दाम क्यों नहीं गिरे?
हाल ही में केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10 की प्रभावी कटौती की है (SAED घटाकर)। कागजों पर पेट्रोल ₹10 सस्ता होना चाहिए था, लेकिन पंपों पर कीमतें स्थिर रहीं। इसका कारण यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल $100 प्रति बैरल के पार चला गया है। तेल कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) को हो रहे भारी घाटे की भरपाई के लिए सरकार ने यह टैक्स राहत सीधे कंपनियों को दी है, ताकि वे खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी न करें।