आर्टिकल 370 पर बोले अमित शाह, सेना को मिलती युद्ध की इजाजत तो आज नहीं होता PoK

Edited By Updated: 29 Sep, 2019 04:09 PM

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को आर्टिकल 370 खत्म करने पर कहा कि गलतियां करने वालों ने ही इतिहास लिखा है। उन्होंने कहा जब सेना युद्ध जीत रही थी तब युद्धविराम क्यों किया गया।

नई दिल्लीः केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को आर्टिकल 370 खत्म करने पर कहा कि गलतियां करने वालों ने ही इतिहास लिखा है। उन्होंने कहा जब सेना युद्ध जीत रही थी तब युद्धविराम क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि अगर उस समय सेना को युद्ध के लिए न रोका जाता तो आज पीओके भी नहीं बनता। सब जम्मू-कश्मीर ही होता। उन्होंने कहा कि 370 को लेकर कई गलतफहमियां हैं। शाह ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल न होते तो रियासत का एकीकरण न होता। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि कश्मीर घाटी में अब कोई प्रतिबंध नहीं है और समूचे विश्व ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाने का समर्थन किया है। शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5 अगस्त को लिए गए साहसिक कदम की वजह से जम्मू-कश्मीर अगले 5-7 साल में देश का सबसे विकसित क्षेत्र होगा।

 

गृह मंत्री ने घाटी में ‘दुष्प्रचार' फैलाने के लिए विपक्ष की आलोचना भी की। राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि प्रतिबंध कहा हैं? यह सिर्फ आपके दिमाग में हैं। कोई प्रतिबंध नहीं हैं। सिर्फ दुष्प्रचार किया जा रहा हैं। गृह मंत्री ने कहा कि कश्मीर में 196 थाना-क्षेत्रों में से हर जगह से कर्फ्यू हटा लिया गया है और सिर्फ आठ थाना-क्षेत्रों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत पाबंदियां लगाई गई हैं। इस धारा के तहत पांच या इससे ज्यादा लोग एक साथ इकट्ठा नहीं हो सकते हैं। उन्होंने हाल में संपन्न संरा महसभा का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी विश्व नेता (न्यूयार्क में) 7 दिनों के लिए जमा हुए थे। किसी भी एक नेता ने (जम्मू-कश्मीर का) मुद्दा नहीं उठाया। यह प्रधानमंत्री की बड़ी कूटनीतिक की जीत है।

 

शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में दशकों से आ रहे आतंकवाद ने 41,800 लोगों की जान ली है लेकिन किसी ने भी जवानों, उनकी विधवाओं या उनके अनाथ बच्चों के मानवाधिकार का मुद्दा नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों से मोबाइल कनेक्शन नहीं चलने को लेकर लोग हल्ला कर रहे हैं। फोन की कमी से मानवाधिकार उल्लंघन नहीं होता है।'' शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 10,000 नए लैंडलाइन कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि बीते दो महीने में छह हजार पीसीओ दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 पर फैसला भारत की एकता और अखंडता को मजबूत करेगा।

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