भारत के साथ रणनीतिक और रक्षा संबंधों को गहरा करने का इच्छुक आर्मेनियाः श्रम मंत्री नारेक

Edited By Updated: 25 Feb, 2024 06:34 PM

armenia keen on strategic partnership with india

अजरबैजान की आक्रामकता का सामना कर रहे पूर्व सोवियत देश आर्मेनिया और भारत के बीच हथियारों की डील के बाद अब रणनीतिक...

इंटरनेशनल डेस्क: अजरबैजान की आक्रामकता का सामना कर रहे पूर्व सोवियत देश आर्मेनिया और भारत के बीच हथियारों की डील के बाद अब रणनीतिक साझेदारी की बात हो रही है। अजरबैजान उसके पड़ोसी आर्मेनिया  के बीच पहले ही कई बार युद्ध हो चुके हैं। पिछले साल ही अजरबैजान ने अर्मेनियाई बहुल इलाके नागोर्नो काराबाख पर कब्जा कर लिया और इस कारण करीब 10 लाख लोगों को शरणार्थी के रूप में आर्मेनिया में शरण लेनी पड़ी थी। अब वही आर्मेनिया भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को उतावला है। आर्मेनिया को उम्मीद है कि रणनीतिक साझेदारी से भारत से रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना आसान होगा। भारत ने आर्मेनिया को अपनी रक्षा के लिए बड़ी मात्रा में हथियार भी बेचे हैं। इनमें आकाश मिसाइल सिस्टम और पिनाका रॉकेट सिस्टम प्रमुख हैं। इसके अलावा 155 मिमी की आर्टिलरी और एंटी ड्रोन सिस्टम भी आर्मेनिया को दिया गया है।

  

 एक इंटरव्यू में आर्मेनिया के श्रम मंत्री नारेक मकर्चयन ने कहा कि "मुझे लगता है कि हमारे संबंध इतने परिपक्व हैं कि इन्हें रणनीतिक साझेदारी के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। मुझे उम्मीद है कि हमारे विदेश मंत्री इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।'' मकर्चयन ने यह भी कहा कि उनका देश भारत के साथ रक्षा संबंधों को गहरा करने का इच्छुक है। दोनों देशों के बीच योजनाबद्ध रक्षा सौदों के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "हमारे बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग है और हम देख रहे हैं कि हमारे सहयोग को और अधिक गहरा कैसे बनाया जाए।"

 

गौरतलब है कि 2020 में आर्मेनिया ने  अजरबैजान के साथ युद्ध हारने के बाद  अपनी सैन्य शक्ति मजबूत करने पर काफी काम किया है। इस दौरान भारत-आर्मेनिया के संबंध रक्षा क्षेत्र में काफी मजबूत हुए थे। कहा जा रहा है कि आर्मेनिया ने 2020 में भारत से स्वाति हथियार-पता लगाने वाली रडार प्रणाली खरीदी थी। इसके अलावा भारत और आर्मेनिया के बीच कई अन्य हथियारों के गोला-बारूद और पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, साथ ही एंटी-टैंक मिसाइले प्रदान करने के लिए एक द्विपक्षीय समझौता हुआ था।

 
कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि नवंबर 2022 में, भारत फोर्ज की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स ने आर्मेनिया की आर्टिलरी को मजबूत करने के लिए 144 मिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया था। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स आर्मेनिया को 155 मिमी की आर्टिलरी गन सप्लाई करने वाला था। इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग घनिष्ठ हुआ है। आर्मेनिया के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख ने अगस्त 2023 में एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात की थी। अक्टूबर 2022 में आर्मेनिया के रक्षा मंत्री सुरेन पापिक्यन ने भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ एक बैठक की थी।
प्रियेश मिश्र के बारे में

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