Edited By Radhika,Updated: 17 Feb, 2026 01:18 PM

भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Expo 2026 में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वैश्विक निवेशकों के बीच भारत के प्रति बढ़ते भरोसे पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत न केवल निवेश के लिए, बल्कि 'डीप टेक' और नवाचार के लिए भी दुनिया का पसंदीदा...
India AI Impact Expo 2026: भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Expo 2026 में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वैश्विक निवेशकों के बीच भारत के प्रति बढ़ते भरोसे पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत न केवल निवेश के लिए, बल्कि 'डीप टेक' और नवाचार के लिए भी दुनिया का पसंदीदा केंद्र बनता जा रहा है।
तीन मोर्चों पर दिख रहा है दुनिया का आकर्षण
मंत्री वैष्णव ने समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के प्रति तीन तरह का विशेष रुझान देखा जा रहा है। वैष्णव ने कहा कि अगले 2 सालों में AI और संबंधित बुनियादी ढांचे में 200 बिलियन डॉलर से अधिक के निवेश की संभावना है। वेंचर कैपिटलिस्ट (VCs) भारतीय डीप टेक स्टार्टअप्स को लेकर काफी उत्साहित हैं और बड़े स्तर पर फंडिंग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तैयार किया गया डिजिटल ढांचा एआई को तेजी से अपनाने (Diffusion) में मदद कर रहा है।

जनसंख्या के पैमाने पर समाधान
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वैश्विक सीईओ भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे से प्रभावित हैं। भारत की खासियत यह है कि यहाँ तकनीकी समाधानों को 'पापुलेशन स्केल' (यानी करोड़ों लोगों तक) आसानी से पहुँचाया जा सकता है, जो किसी भी निवेशक के लिए एक बहुत बड़ा प्लस पॉइंट है।

युवाओं में भारी उत्साह
सममिट की सफलता पर चर्चा करते हुए मंत्री ने बताया कि इस आयोजन में 3 लाख से अधिक युवाओं, शोधकर्ताओं और छात्रों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा, "हर सत्र हाउसफुल जा रहा है और युवाओं में इस बात को लेकर नई ऊर्जा है कि कैसे एआई के जरिए देश की बड़ी समस्याओं को हल किया जाए।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार तकनीक के फायदों और उससे होने वाले नुकसान (Harms) के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने पर जोर दे रही है।