Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 28 Feb, 2026 07:43 PM

महाराष्ट्र के बारामती एयरफील्ड पर 28 जनवरी 2026 की सुबह हुआ विमान हादसा राज्य ही नहीं, पूरे देश के लिए गहरा सदमा लेकर आया। इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई।
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र के बारामती एयरफील्ड पर 28 जनवरी 2026 की सुबह हुआ विमान हादसा राज्य ही नहीं, पूरे देश के लिए गहरा सदमा लेकर आया। इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई।
यह चार्टर्ड जेट Learjet 45XR (रजिस्ट्रेशन VT-SSK) था, जिसे VSR Ventures संचालित कर रही थी। विमान मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुआ था, जहां अजित पवार को स्थानीय चुनावी कार्यक्रमों में हिस्सा लेना था।
हादसा कैसे हुआ?
सुबह करीब 8:46 बजे विमान ने रनवे 11 पर उतरने की कोशिश की। विमान में दो पायलट, एक केबिन क्रू और दो यात्री सवार थे। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की 28 फरवरी 2026 को जारी प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, लैंडिंग के दौरान हालात सामान्य नहीं थे। बारामती एयरफील्ड एक अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड है, जहां केवल विजुअल फ्लाइट रूल्स (VFR) के तहत संचालन की अनुमति है। VFR के लिए न्यूनतम 5 किलोमीटर की विजिबिलिटी जरूरी होती है, जबकि उस समय रिपोर्टेड विजिबिलिटी महज 3 किलोमीटर थी। इलाके में हल्का कोहरा और धुंध भी मौजूद थी।
रिपोर्ट के अनुसार, पायलट ने पहली बार अप्रोच के दौरान गो-अराउंड किया और फिर दूसरी कोशिश में रनवे 11 पर उतरने का प्रयास किया। टावर से ‘विंड्स कैल्म’ की सूचना दी गई। पायलट ने रनवे दिखने की पुष्टि भी की, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद कॉकपिट से घबराहट भरी आवाज रिकॉर्ड हुई। विमान रनवे से लगभग 50 मीटर बाईं ओर जमीन से टकराया, पेड़ों से टकराते हुए ढलान वाली जमीन पर जा गिरा और आग की लपटों में घिर गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कॉकपिट और केबिन पूरी तरह नष्ट हो गए। कोई भी जीवित नहीं बच सका।
जांच में क्या-क्या सामने आया?
प्रारंभिक जांच में एयरफील्ड से जुड़ी कई कमियां सामने आईं:
- आधुनिक नेविगेशन एड्स की अनुपस्थिति
- मौसम संबंधी (MET) सुविधाओं की कमी
- रनवे मार्किंग का फीका पड़ जाना
- सीमित ऑपरेशनल सपोर्ट
फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) का विश्लेषण अभी जारी है। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद दुर्घटना के सटीक कारण स्पष्ट होंगे। फिलहाल, शुरुआती संकेत कम विजिबिलिटी और बुनियादी ढांचे की कमी की ओर इशारा कर रहे हैं।
DGCA के लिए AAIB की सिफारिशें
AAIB ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को कई अहम सुझाव दिए हैं:
- अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड्स पर VFR नियमों का सख्त अनुपालन
- मौसम निगरानी और लैंडिंग एड्स (जैसे ILS या बेहतर लाइटिंग) का उन्नयन
- छोटे एयरफील्ड्स को सख्त लाइसेंसिंग सिस्टम के दायरे में लाना
- रनवे और सुरक्षा मानकों का नियमित ऑडिट
राजनीतिक और राष्ट्रीय असर
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के प्रमुख चेहरों में से एक थे। इस हादसे ने राज्य की राजनीतिक दिशा पर भी असर डाला है। जांच एजेंसियां—AAIB, DGCA और राज्य की अन्य इकाइयां—हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं। प्रारंभिक स्तर पर किसी भी संभावना, जिसमें तकनीकी लापरवाही या अन्य कारण शामिल हो सकते हैं, को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है। अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार पूरे देश को है, जो इस दर्दनाक हादसे की असली वजहों पर अंतिम मुहर लगाएगी।