Edited By Ramanjot,Updated: 21 Sep, 2026 09:57 AM

इसके बाद लखेड़ा ने अपनी प्रार्थना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि भारत लगातार प्रगति करे, सुरक्षित रहे, और ज्यादा मजबूत बने। साथ ही देश का हर नागरिक खुशहाल और समृद्ध हो।
पुणे: रविवार को पुणे के श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति मंडल में श्रद्धा, इतिहास और देशभक्ति का एक अलग संगम देखने को मिला। असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा यहां पहुंचे और शाम की महाआरती में शामिल हुए। गणपति के दर्शन के बाद उन्होंने देश की सुरक्षा, प्रगति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
मंडल पहुंचने पर लेफ्टिनेंट जनरल लखेड़ा ने ऐतिहासिक गणपति के सामने पूजा-अर्चना की। महाआरती के बाद मंडल की ओर से उनका सत्कार किया गया। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भगवान गणेश के दर्शन करने का अवसर उनके लिए बेहद भावुक और विशेष अनुभव रहा। उन्होंने कहा, “एक भक्त की भावना मेरे मन में भी है। मैं एक साधारण इंसान हूं। किसी को भगवान के घर आने और प्रार्थना करने का मौका मिले, तो वह असाधारण अवसर होता है। मैं अभिभूत हूं और भगवान का धन्यवाद करता हूं।”
इसके बाद लखेड़ा ने अपनी प्रार्थना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि भारत लगातार प्रगति करे, सुरक्षित रहे, और ज्यादा मजबूत बने। साथ ही देश का हर नागरिक खुशहाल और समृद्ध हो। लेकिन इस दौरे में सिर्फ धार्मिक आस्था की बात नहीं हुई। भाऊसाहेब रंगारी गणपति के इतिहास ने भी लेफ्टिनेंट जनरल लखेड़ा का ध्यान खींचा। उन्होंने उस दौर को याद किया जब भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था और इस गणपति की परंपरा ने सार्वजनिक जीवन में अपनी जगह बनाई। उन्होंने कहा कि इस इतिहास से आज की पीढ़ी को एक सीधी सीख मिलती है- देश सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा, “जब यह मूर्ति बनाई गई थी, तब हम अंग्रेजों के शासन में थे। यह पहला गणपति था; गणपति की शुरुआत यहीं से हुई। सबसे बड़ी प्रेरणा यह है कि राष्ट्र सर्वोपरि है।”
लखेड़ा ने कहा कि देश के सामने मुश्किल समय आए तो इतिहास से हौसला लिया जा सकता है। उनके मुताबिक, जब संसाधन सीमित थे, तब भी ऐसी परंपराएं समाज को जोड़ने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती थीं। उन्होंने युवाओं से इसी भावना को समझने की अपील की। उनका संदेश युवाओं के लिए भी साफ था। उन्होंने कहा कि आधुनिक बनने की दौड़ में अपनी संस्कृति को भूलना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा, “आपकी सबसे बड़ी ताकत आपकी संस्कृति है। आपका इतिहास आपके भविष्य को तय करेगा। अपनी जड़ों से जुड़े रहिए।”
पुणे का गणेशोत्सव देशभर में अपनी खास पहचान रखता है और भाऊसाहेब रंगारी गणपति इस परंपरा के ऐतिहासिक अध्याय से जुड़ा नाम है। मंडल की ओर से गणपति की विरासत, परंपराओं और ऐतिहासिक महत्व को संरक्षित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल लखेड़ा की यात्रा ने इसी विरासत को एक बार फिर चर्चा में ला दिया। एक तरफ गणपति की आरती और आस्था थी, तो दूसरी तरफ इतिहास से जुड़ा वह संदेश, जिसे उन्होंने आज की पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश की- देश, संस्कृति और अपनी जड़ों को हमेशा याद रखना।