Edited By Anu Malhotra,Updated: 16 Apr, 2026 10:26 AM

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के ट्रामा सेंटर में 71 वर्षीय महिला की रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर का ऑपरेशन करने के बजाय कथित तौर पर जांघ की सर्जरी कर दिए जाने के बाद उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस मामले में चार सदस्यों की समिति...
नेशनल डेस्क: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के ट्रामा सेंटर में 71 वर्षीय महिला की रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर का ऑपरेशन करने के बजाय कथित तौर पर जांघ की सर्जरी कर दिए जाने के बाद उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस मामले में चार सदस्यों की समिति बना कर जांच की जा रही है।
अमृतपुर की रहने वाली महिला राधिका देवी के पौत्र मृत्युंजय पाल के अनुसार, उसकी दादी को रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर की शिकायत पर गत 25 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृत्युंजय ने दावा किया अस्पताल के चिकित्सक सात मार्च को उसकी दादी को ऑपरेशन के लिए ले गए, लेकिन रीढ़ के बजाय उनकी जांघ की सर्जरी कर दी।
मृत्युंजय ने आरोप लगाया कि 'गलत ऑपरेशन' के कारण उसकी दादी को कई तरह की समस्याएं होने लगीं जिसके बाद 18 मार्च को उसकी दादी का दोबारा ऑपरेशन किया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान वह अस्पताल में ही भर्ती रहीं और 27 मार्च को उनकी मौत हो गई। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक एस. एन. शंखवार ने बताया कि उन्होंने इस घटना का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति बनाई है और उसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।