Assam Assembly Election 2026: गौरव गोगोई का बड़ा हमला, हिमंता बिस्वा सरमा को बताया ‘असम का जिन्ना’

Edited By Updated: 18 Feb, 2026 07:13 PM

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असम में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष Bhupen Borah ने पार्टी से इस्तीफा देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

नेशनल डेस्क: असम में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष Bhupen Borah ने पार्टी से इस्तीफा देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। करीब तीन दशक से अधिक समय तक कांग्रेस से जुड़े रहने के बाद उन्होंने “स्वाभिमान” का हवाला देते हुए अलग होने का फैसला किया।

मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने घोषणा की है कि बोरा 22 फरवरी 2026 को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे। इस घोषणा के बाद असम की राजनीति में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

असम कांग्रेस अध्यक्ष Gaurav Gogoi ने बोरा के जाने को बड़ा नुकसान मानने से इनकार किया। उनका कहना है कि जो नेता भाजपा में शामिल होते हैं, वे धीरे-धीरे राजनीतिक रूप से हाशिए पर चले जाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले भी कई नेता पार्टी बदल चुके हैं, लेकिन इससे कांग्रेस की बुनियाद पर कोई असर नहीं पड़ा।

गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर तीखा हमला करते हुए उन पर नेताओं को “धार्मिक प्रमाणपत्र” बांटने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस एक मजबूत संगठन है, जहां व्यक्तिगत महत्व से अधिक विचारधारा की अहमियत है। उनके मुताबिक, बोरा का जाना आगामी चुनावी संभावनाओं को प्रभावित नहीं करेगा।

बोरा के आरोप

दूसरी ओर, भूपेन बोरा ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि संगठनात्मक फैसलों में उन्हें दरकिनार किया गया और गठबंधन से जुड़ी बातचीत में उनके अधिकारों में हस्तक्षेप हुआ। बोरा ने यह भी दावा किया कि पार्टी के अंदरूनी समीकरण बदल चुके हैं और उन्हें अपमानित महसूस हुआ।

उन्होंने बताया कि इस्तीफा भेजने के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने उनसे संपर्क किया, लेकिन तब तक वे अपना निर्णय ले चुके थे। बोरा ने कहा कि उन्हें लगा पार्टी को अब उनकी जरूरत नहीं है, इसलिए उन्होंने अलग राह चुनना बेहतर समझा।

चुनावी असर?

इस घटनाक्रम ने कांग्रेस की आंतरिक एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं भाजपा इसे अपने लिए मजबूती के संकेत के तौर पर देख रही है। चुनाव से ठीक पहले यह बदलाव असम की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस नेतृत्व की ओर से डैमेज कंट्रोल की कोशिशें तेज हो सकती हैं, लेकिन फिलहाल बोरा के भाजपा में शामिल होने की तैयारी लगभग तय मानी जा रही है।

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