Edited By Ramkesh,Updated: 05 Aug, 2026 01:31 PM

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को बॉम्बे हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। दरसअल, उनके खिलाफ ई-20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर AI से बने डीपफेक वीडियो और misleading digital content को अदालत ने हटाने के निर्देश दिए हैं।
नेशनल डेस्क: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को बॉम्बे हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। दरसअल, उनके खिलाफ ई-20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर AI से बने डीपफेक वीडियो और misleading digital content को अदालत ने हटाने के निर्देश दिए हैं।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वह सारा कंटेंट हटाया जाय जिसमें इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल से जुड़े मामले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को बदनाम करने वाला AI कंटेंट भी शामिल है। कोर्ट ने X और Meta को यह जानकारी देने का भी आदेश दिया है कि वे कंटेंट किसने अपलोड किए थे। आप को बात दें कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर साफ किया है कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने (E20) की सरकारी योजना से उनका कोई लेना-देना नहीं है। इस संबंध में गडकरी ने AI से बने डीपफेक वीडियो और misleading digital content के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग थी।
उन्होंने कोर्ट में कहा कि 'इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल' (EBP) कार्यक्रम पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा चलाया जाता है। इस पॉलिसी में उनका कोई रोल नहीं है। इसी के साथ उन्होंने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया और अलग- अलग पोस्ट में उन्हें और उनके परिवार वालों को इस योजना से गलत तरीके से जोड़ झूठी जानकारी फैलाई गई। यह केवल उनकी छवि खराब करने के लिए किया जा रहा है। फिलहाल कोर्ट ने AI से बने डीपफेक वीडियो और कंटेंट हटाने के निर्देश दिए हैं।