Edited By Radhika,Updated: 28 Jul, 2026 05:10 PM

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर साफ किया है कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने (E20) की सरकारी योजना से उनका कोई लेना-देना नहीं है। इस संबंध में गडकरी ने AI से बने डीपफेक वीडियो और misleading digital content के खिलाफ...
नेशनल डेस्क: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर साफ किया है कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने (E20) की सरकारी योजना से उनका कोई लेना-देना नहीं है। इस संबंध में गडकरी ने AI से बने डीपफेक वीडियो और misleading digital content के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग रखी है। उन्होंने कोर्ट में कहा कि 'इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल' (EBP) कार्यक्रम पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा चलाया जाता है। इस पॉलिसी में उनका कोई रोल नहीं है। इसी के साथ उन्होंने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया और अलग- अलग पोस्ट में उन्हें और उनके परिवार वालों को इस योजना से गलत तरीके से जोड़ झूठी जानकारी फैलाई जा रही है। यह केवल उनकी छवि खराब करने के लिए किया जा रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा नितिन गडकरी को Google, Meta और X जैसे बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ Civil case दर्ज करने की परमिशन मिल हई गई है। कोर्ट ने कोर्ट अब इस भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री को इंटरनेट से हटाने की मांग पर सुनवाई करेगा। गडकरी ने पहले भी इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनके बेटों का इथेनॉल के बिजनेस में 0.05% से भी कम शेयर है। इसी के साथ बेटों की कंपनियों पर लगभग 1,600 करोड़ रुपए का कर्ज भी है। इसलिए इथेनॉल नीति से उन्हें या उनके परिवार को कोई व्यक्तिगत आर्थिक लाभ नहीं मिल रहा है।