Edited By Pardeep,Updated: 31 Jan, 2026 03:30 AM

एक ऐसे समय में जब 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश होने वाला है और देश का शेयर बाजार व रुपया भारी उतार-चढ़ाव से गुजर रहे हैं, तभी भारत के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। यह खबर न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देती है, बल्कि उन देशों की...
इंटरनेशनल डेस्कः एक ऐसे समय में जब 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश होने वाला है और देश का शेयर बाजार व रुपया भारी उतार-चढ़ाव से गुजर रहे हैं, तभी भारत के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। यह खबर न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देती है, बल्कि उन देशों की चिंता भी बढ़ा सकती है, जो भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। खास तौर पर, भारत पर हाई टैरिफ लगाने की बात करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, और भारत के पड़ोसी चीन व पाकिस्तान के लिए यह आंकड़ा असहज करने वाला माना जा रहा है।
विदेशी मुद्रा भंडार सर्वकालिक उच्च स्तर पर
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 23 जनवरी को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 8.05 अरब डॉलर बढ़कर 709.41 अरब डॉलर पहुंच गया है। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पिछले सप्ताह भी भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 14.16 अरब डॉलर की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी और यह 701.36 अरब डॉलर तक पहुंच गया था।
पहले भी ऊंचे स्तर पर था भंडार
गौरतलब है कि सितंबर 2024 में भी भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 704.89 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि, बीते महीनों में रुपये में तेज उतार-चढ़ाव को संभालने के लिए RBI ने विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल किया, जिससे कुछ दबाव जरूर दिखा था। अब एक बार फिर भंडार का रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचना देश के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में बढ़ोतरी
RBI के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (FCA) 2.36 अरब डॉलर बढ़कर 562.88 अरब डॉलर हो गई हैं। इन परिसंपत्तियों में सिर्फ अमेरिकी डॉलर ही नहीं, बल्कि यूरो, ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन जैसी अन्य विदेशी मुद्राएं भी शामिल होती हैं। इन मुद्राओं के मूल्य में उतार-चढ़ाव का असर भी FCA पर पड़ता है।
सोने का भंडार भी मजबूत हुआ
समीक्षाधीन सप्ताह में भारत के स्वर्ण भंडार की कीमत में भी बड़ा इजाफा हुआ है। सोने का भंडार 5.63 अरब डॉलर बढ़कर 123.08 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसके अलावा, विशेष आहरण अधिकार (SDR) में 3.3 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह 18.73 अरब डॉलर हो गया। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास भारत की आरक्षित स्थिति भी 1.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.70 अरब डॉलर हो गई।
भारत की अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। सरकार ‘मेक इन इंडिया’ पहल के जरिए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को तेजी से मजबूत करने में जुटी है। इसके साथ ही, अमेरिका की टैरिफ नीति के असर को कम करने के लिए भारत ब्रिटेन, यूरोपीय संघ (EU) और अन्य देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) करने पर भी काम कर रहा है, ताकि नए निर्यात बाजार तैयार किए जा सकें।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत को लगातार करीब 8 प्रतिशत की GDP वृद्धि दर बनाए रखनी होगी। इसके लिए आर्थिक सुधारों को तेज करना, घरेलू और विदेशी निवेश बढ़ाना, और वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी मजबूत करना बेहद जरूरी होगा।