Edited By Radhika,Updated: 14 Apr, 2026 05:26 PM

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि BJP और RSS की ''नफरत भरी सोच'' संविधान को नष्ट कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ TMC राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के अपने वादे को पूरा करने में विफल रही...
नेशनल डेस्क: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि BJP और RSS की ''नफरत भरी सोच'' संविधान को नष्ट कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ TMC राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के अपने वादे को पूरा करने में विफल रही है। रायगंज और मालदा में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि ममता बनर्जी सरकार ने बेरोजगारी भत्ते का वादा किया था जिसके लिए 84 लाख युवाओं ने आवेदन किया। कांग्रेस नेता ने कहा, ''मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पांच लाख लोगों को नौकरियां देने का वादा किया था। लेकिन 84 लाख युवाओं ने बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन किया है।''
गांधी ने BJP और RSS पर निशाना साधते हुए उन पर ''नफरत भरी सोच'' से संविधान को नष्ट करने और ''वोट चोरी में लिप्त'' होने का आरोप भी लगाया। गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को ''असंवैधानिक'' करार दिया और आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस को जहां भी मौका मिलता है, वे संविधान पर हमला करते हैं। उन्होंने भाजपा पर चुनाव जीतने के लिए धर्म और जाति के नाम पर एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ भड़काने का आरोप लगाया। गांधी ने कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद, एसआईआर के तहत मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए लोगों के नाम बहाल कर दिए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस पूरे देश में भाजपा का मुकाबला नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जो भाजपा के खिलाफ मुकाबला कर सकती है और उसे हरा सकती है। गांधी ने पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी के लिए तृणमूल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया, ''तृणमूल ने बंगाल के सभी उद्योगों को बंद कर दिया और सिंडिकेट के जरिए राज्य चला रही है।'' उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने बंगाल के लिए बकाया दो लाख करोड़ रुपये नहीं दिए हैं और मनरेगा के तहत राज्य को कोष से भी वंचित रखा है। उन्होंने कहा, ''भ्रष्टाचार के मामले में तृणमूल भी पीछे नहीं है।'' शारदा और रोज वैली जैसे पोंजी घोटालों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि "तृणमूल सदस्यों द्वारा संचालित सिंडिकेट" भ्रष्टाचार से लाभ उठाते हैं।
गांधी ने तृणमूल पर हिंसा में शामिल होने और झूठे वादे करने का भी आरोप लगाया। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, ''इससे छोटे और मध्यम आकार के उद्योग बंद हो जाएंगे और भारत में रोजगार का नुकसान होगा।'' गांधी ने दावा किया कि विवादित एप्स्टीन फाइलों के 35 लाख दस्तावेज अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, और इसकी कुंजी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास है। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए गांधी ने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी का नियंत्रण ट्रंप के हाथों में है।'' उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के कृषि क्षेत्र को अमेरिका के लिए खोल दिया है, जिससे उसे भारत में अपनी कृषि उपज बेचने की अनुमति मिल गई है। एक समय कांग्रेस के गढ़ रहे मालदा में रैली को संबोधित करते हुए गांधी ने आरोप लगाया, ''भारत का कृषि क्षेत्र तबाह हो जाएगा। मोदी ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में भारत को बेच दिया। वह देशभक्त नहीं, देशद्रोही हैं।''
कांग्रेस नेता ने मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर वाशिंगटन के दबाव के आगे झुककर भारत की ऊर्जा सुरक्षा को अमेरिका के हवाले करने का भी आरोप लगाया। गांधी ने कहा कि डेटा सुरक्षा सर्वोपरि है क्योंकि किसी देश की ताकत इसी पर टिकी होती है। उन्होंने केंद्र सरकार पर भारत का डेटा अमेरिका को सौंपने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ''इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर नुकसान पहुंचा है।'' गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अमेरिका को 95 लाख करोड़ रुपये का सामान खरीदने का वादा किया है। उन्होंने कहा, ''अगर अमेरिकी सामान सुनामी की तरह भारत में आ जाए, तो हमारे देश के छोटे और मध्यम आकार के कारखाने बंद हो जाएंगे।'' उन्होंने कहा, ''इससे बंगाल को दोहरा नुकसान होगा क्योंकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही राज्य में उद्योगों को बंद कर चुकी हैं।''