Edited By Anu Malhotra,Updated: 01 Feb, 2026 12:47 PM

बजट 2026 के ऐलानों के बीच सर्राफा बाजार में आज जबरदस्त 'हाई-वोल्टेज ड्रामा' देखने को मिल रहा है। संसद में जैसे-जैसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का भाषण आगे बढ़ा, कीमती धातुओं की चाल किसी रोलर कोस्टर की तरह ऊपर-नीचे होती रही। कभी कीमतें धड़ाम से...
नेशनल डेस्क: बजट 2026 के ऐलानों के बीच सर्राफा बाजार में आज जबरदस्त 'हाई-वोल्टेज ड्रामा' देखने को मिल रहा है। संसद में जैसे-जैसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का भाषण आगे बढ़ा, कीमती धातुओं की चाल किसी रोलर कोस्टर की तरह ऊपर-नीचे होती रही। कभी कीमतें धड़ाम से गिरीं, तो कभी उनमें अचानक सुधार देखा गया।
संसद में बजट भाषण शुरू होने के एक घंटे बाद एमसीएक्स (MCX) पर सोने और चांदी के भाव पल-पल बदलते रहे। दोपहर 12 बजे के करीब वायदा बाजार में 10 ग्राम सोने की कीमत 1.47 लाख रुपये के इर्द-गिर्द घूमती दिखी, जबकि चांदी 2.69 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर ट्रेड कर रही थी।
दिल्ली में सोने का भाव?
दिल्ली के हाजिर बाजार में तो 24 कैरेट सोने के दाम 1.62 लाख रुपये और चांदी 2.78 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए।
क्यों आई यह 'आर्थिक सुनामी'?
पिछले दो दिनों में सोने-चांदी ने जो तबाही देखी है, उसकी मिसाल मिलना मुश्किल है। 1.80 लाख रुपये के पार जा चुका सोना अचानक 1.55 लाख के करीब आ गया। इसके पीछे की मुख्य वजह वैश्विक एक्सचेंजों में बढ़े हुए मार्जिन और निवेशकों द्वारा की गई अंधाधुंध 'प्रॉफिट बुकिंग' को माना जा रहा है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती ने भी सोने की चमक को फीका करने का काम किया।
अब आगे क्या होगा?
बाजार के जानकारों की सांसें अटकी हुई हैं क्योंकि बजट में आयात शुल्क (Custom Duty) को लेकर होने वाली कोई भी छोटी घोषणा सोने-चांदी की पूरी तस्वीर बदल सकती है। अगर सरकार ड्यूटी में कटौती करती है, तो कीमतें और नीचे आ सकती हैं, जिससे आम खरीदारों को फायदा होगा। वहीं अगर ड्यूटी बढ़ाई गई या स्थिर रही, तो भाव फिर से रॉकेट बन सकते हैं। फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल है, लेकिन लंबी अवधि के लिए निवेशक अभी भी सोने को एक मजबूत दांव मान रहे हैं।