Edited By jyoti choudhary,Updated: 30 Jan, 2026 05:13 PM

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी एक फरवरी को लगातार नौवां बजट पेश कर देश के संसदीय इतिहास में एक नया रिकॉर्ड दर्ज करेंगी। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में पेश होने वाले इस बजट से सुधारवादी कदमों के जरिये विकास को गति मिलने की काफी उम्मीदें...
बिजनेस डेस्कः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी एक फरवरी को लगातार नौवां बजट पेश कर देश के संसदीय इतिहास में एक नया रिकॉर्ड दर्ज करेंगी। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में पेश होने वाले इस बजट से सुधारवादी कदमों के जरिये विकास को गति मिलने की काफी उम्मीदें हैं। इस उपलब्धि के साथ ही सीतारमण पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के 10 बजट के कुल रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच जाएंगी। देसाई ने 1959-1964 के बीच छह और 1967-1969 के बीच चार बजट पेश किए थे। हालांकि, लगातार बजट पेश करने के मामले में सीतारमण सबसे आगे रहेंगी। उन्होंने पूर्व वित्त मंत्रियों पी चिदंबरम (9 बजट) और प्रणब मुखर्जी (8 बजट) को भी पीछे छोड़ दिया है, जिन्होंने अलग-अलग कार्यकालों में ये आंकड़े छुए थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री के रूप में सीतारमण अब तक फरवरी, 2024 के अंतरिम बजट सहित लगातार आठ बजट पेश कर चुकी हैं। स्वतंत्र भारत के बजट इतिहास से जुड़े कुछ प्रमुख तथ्य इस प्रकार हैं:
पहला बजट: देश का पहला आम बजट 26 नवंबर, 1947 को पहले वित्त मंत्री आर के षणमुखम चेट्टी ने प्रस्तुत किया था।
सर्वाधिक बजट: मोरारजी देसाई ने जवाहर लाल नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री सरकारों के दौरान कुल 10 बार बजट पेश कर शीर्ष स्थान बनाया।
अन्य प्रमुख आंकड़े: पी चिदंबरम ने नौ बार और प्रणब मुखर्जी ने आठ बार बजट पेश किए। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1991-1995 के दौरान लगातार पांच बजट पेश किए थे।
भाषण की अवधि: सबसे लंबे बजट भाषण का रिकॉर्ड सीतारमण के नाम है, जिन्होंने एक फरवरी, 2020 को दो घंटे 40 मिनट तक भाषण दिया था। वहीं, 1977 का हिरूभाई मुल्जीभाई पटेल का अंतरिम बजट भाषण (800 शब्द) सबसे छोटा रहा है।
समय और तारीख में बदलाव: 1999 से पहले बजट शाम पांच बजे पेश होता था, जिसे यशवंत सिन्हा ने बदलकर सुबह 11 बजे किया। इसी तरह, 2017 से बजट पेश करने की तारीख 28 फरवरी के बजाय एक फरवरी कर दी गई, ताकि एक अप्रैल से नया वित्त वर्ष सुचारू रूप से शुरू हो सके।