Edited By Anu Malhotra,Updated: 01 Feb, 2026 11:41 AM
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज पेश किए गए बजट 2026-27 में देश की आर्थिक मजबूती और विकास की दिशा में कई अहम पहलों का ऐलान किया। इस बार का बजट खास तौर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और ग्रामीण विकास पर केंद्रित है।
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज पेश किए गए बजट 2026-27 में देश की आर्थिक मजबूती और विकास की दिशा में कई अहम पहलों का ऐलान किया। इस बार का बजट खास तौर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और ग्रामीण विकास पर केंद्रित है।
1. माइनिंग और रियर अर्थ कॉरिडोर
फैसले के अनुसार ओडिशा, केरल और छत्तीसगढ़ में माइनिंग कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जबकि रेयर अर्थ मिनरल्स कॉरिडोर का निर्माण ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में होगा। साथ ही, तीन नए डेडिकेटेड केमिकल पार्क भी स्थापित किए जाएंगे।
2. जलमार्ग और कनेक्टिविटी
देश में 22 नए जलमार्ग का निर्माण किया जाएगा, जिससे परिवहन नेटवर्क मजबूत होगा और व्यापार को तेजी से बढ़ावा मिलेगा।
3. फाइबर और ग्रामीण उद्योग
वित्त मंत्री ने राष्ट्रीय फाइबर योजना की घोषणा की, जिसमें रेशम, जूट और ऊन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज इनिशिएटिव के तहत ग्रामीण बुनकर और कुटीर उद्योगों को लाभ पहुंचेगा, जिससे ग्रामीण युवाओं के रोजगार और कौशल विकास में मदद होगी।
4. स्वास्थ्य और दवाइयां
देश में कैंसर और शुगर जैसी दवाइयां सस्ती करने का ऐलान किया गया है।
5. MSME और मैन्युफैक्चरिंग
छोटे और मझोले उद्यम (MSME) के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड आवंटित किया जाएगा। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि पुराने उद्योगों को मजबूत करना और नए सेक्टर में निवेश बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
6. सेमीकंडक्टर और बायोफार्मा
भारत को सेमीकंडक्टर हब बनाने के लिए 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, बायोफार्मा सेक्टर में अगले 5 वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये की योजना रखी गई है, जिससे बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर उत्पादन में तेजी आएगी। इसके तहत तीन नए संस्थान स्थापित किए जाएंगे और मौजूदा सात संस्थानों को अपडेट किया जाएगा।
7. आर्थिक दृष्टिकोण और वैश्विक परिदृश्य
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का पहला लक्ष्य तेजी और स्थिरता के साथ अर्थव्यवस्था को बढ़ाना है। वैश्विक चुनौतियों और सप्लाई चेन बाधाओं के बावजूद, भारत निर्यात बढ़ाने, तकनीक आधारित उत्पादन बढ़ाने और दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
8.दिल्ली से वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण
सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक है दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी तक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण, जिसके तहत कुल सात नए कॉरिडोर बनेंगे। इसके अलावा, बनारस और पटना में जहाज मरम्मत की सुविधा स्थापित करने की योजना है, जिससे नदी मार्ग और नौवहन क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। पर्यावरण और औद्योगिक विकास को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अगले पांच वर्षों में पांच औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर तकनीक के लिए 20 हजार करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई है। इसका मकसद उद्योगों के उत्पादन को बढ़ाते हुए वातावरण की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
9. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का शुभारंभ
• भारतीय IP डिजाइन और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर फोकस।
• उद्योग आधारित अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित होंगे।
• इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना में लक्ष्य से पहले दोगुना निवेश।
• इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण योजना का परिव्यय बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये।
10. ग्रामीण विकास और खेल उद्योग
• महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना का प्रस्ताव।
• एक जिला-एक उत्पाद को बढ़ावा, ग्रामीण युवाओं को फायदा।
• भारत के सस्ते खेल सामान के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने की संभावना।
रणनीतिक क्षेत्र-
निर्मला सीतारमण ने छह प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस किया:
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मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार
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परंपरागत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्जीवन
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चैंपियन MSMEs का निर्माण
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इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना
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दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना
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सिटी इकोनॉमिक रीजन का विकास
बजट 2026 में दी गई ये घोषणाएं भारत को वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में एक मजबूत, आत्मनिर्भर और निवेशक-अनुकूल देश बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।