Edited By Anu Malhotra,Updated: 01 Feb, 2026 03:29 PM

बजट 2026 ने एक हाथ से राहत दी है तो दूसरे हाथ से शौकीनों की जेब पर कैंची भी चलाई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हुए 'नशे' को महंगा और 'जीवन' को सस्ता करने का स्पष्ट संदेश दिया है। जहां एक तरफ गंभीर बीमारियों से...
नेशनल डेस्क: बजट 2026 ने एक हाथ से राहत दी है तो दूसरे हाथ से शौकीनों की जेब पर कैंची भी चलाई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हुए 'नशे' को महंगा और 'जीवन' को सस्ता करने का स्पष्ट संदेश दिया है। जहां एक तरफ गंभीर बीमारियों से लड़ रहे मरीजों के लिए खुशियां आई हैं, वहीं शराब और सिगरेट के शौकीनों के लिए रविवार की दोपहर थोड़ी कड़वी साबित हुई।
नशे पर नकेल: शराब और सिगरेट अब दूर की कौड़ी
सरकार ने बुरी आदतों पर टैक्स का बोझ बढ़ाकर साफ कर दिया है कि वह जन-स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है। शराब के कारोबार, कबाड़ और खनिजों की बिक्री पर लगने वाले Tax Collected at Source (TCS) को 1% से बढ़ाकर सीधा 2% कर दिया गया है। इसका असर आने वाले दिनों में बोतलों की कीमतों पर दिख सकता है।
सिगरेट और तंबाकू का हाल तो और भी बुरा है; इन पर न केवल 40% GST लग रहा है, बल्कि Exice Duty और अतिरिक्त सेस की मार ने इन्हें काफी महंगा कर दिया है। अब हर कश के लिए धुएं के शौकीनों को पहले से कहीं ज्यादा कीमत चुकानी होगी।
दवाएं और सेहत: आम आदमी को बड़ी संजीवनी
बजट का सबसे मानवीय चेहरा स्वास्थ्य क्षेत्र में दिखा। कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों से जूझ रहे लाखों परिवारों के लिए राहत की खबर है। सरकार ने इन बीमारियों की जरूरी दवाओं पर टैक्स और ड्यूटी कम कर दी है, जिससे अब जानलेवा बीमारियों का इलाज बजट के भीतर आ सकेगा। सरकार की कोशिश है कि इलाज के अभाव में कोई भी नागरिक पीछे न छूटे।
गैजेट्स और लेदर: शौक पूरे करना हुआ आसान
तकनीक के दौर में युवाओं के लिए अच्छी खबर यह है कि 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने के लिए देश में बने स्मार्टफोन और टैबलेट की कीमतों में कटौती की संभावना बढ़ गई है। इसके साथ ही, चमड़े के उत्पाद जैसे जूते और बैग भी अब आपके बजट में फिट बैठेंगे।