राजस्थान में कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला, बच्चे के परिवार की चुनौती, पोस्टमार्टम से खुलेगा सच

Edited By Updated: 17 Oct, 2025 12:40 AM

case of children dying from cough syrup in rajasthan

राजस्थान के सीकर जिले में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मौत का शिकार हुए 5 साल के नित्यांश के परिवार ने अब राज्य सरकार और स्वास्थ्य मंत्री को खुली चुनौती दी है। परिवार ने कहा है कि उनके बच्चे का शव कब्र से निकालकर...

नेशनल डेस्क: राजस्थान के सीकर जिले में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मौत का शिकार हुए 5 साल के नित्यांश के परिवार ने अब राज्य सरकार और स्वास्थ्य मंत्री को खुली चुनौती दी है। परिवार ने कहा है कि उनके बच्चे का शव कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया जाए- सच्चाई खुद सामने आ जाएगी।

“कब्र से निकालो शव, वरना जाएंगे अदालत”

नित्यांश के पिता मुकेश शर्मा ने सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी- “अगर 10 दिन के भीतर मेरे बेटे का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया, तो हम अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।” परिवार का कहना है कि नित्यांश की मौत 29 सितंबर को सरकारी अस्पताल से मिली कफ सिरप पीने के बाद हुई थी। उस वक्त पोस्टमार्टम की मांग ठुकरा दी गई थी, जिसके बाद परिवार ने दाह संस्कार की बजाय शव को दफना दिया था। अब वे सच सामने लाने के लिए पोस्टमार्टम कराने पर अड़े हैं।

सरकार झूठ बोल रही है

मुकेश शर्मा ने जयपुर पहुंचकर कई संगठनों से मुलाकात की और मदद मांगी। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य मंत्री और सरकार झूठ बोल रहे हैं। मेरे बेटे समेत जिन बच्चों की मौत हुई, वह सब सरकारी अस्पताल से मिली दवा पीने के बाद हुई है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी अमला उन पर दबाव बना रहा है और उनसे वह कफ सिरप की बोतल वापस करने को कह रहे हैं।

संघर्ष समिति ने उठाए गंभीर सवाल

इस मामले में अब कई संगठनों ने मिलकर एक “संघर्ष समिति” बना ली है। समिति के सदस्यों आशुतोष शर्मा और रेखा शर्मा ने कहा-

  • “अगर यह सिरप बच्चों के लिए नहीं था, तो सरकारी अस्पतालों में क्यों दिया गया?”
  • “किसी भी बच्चे का पोस्टमार्टम हुए बिना मंत्री कैसे कह सकते हैं कि मौत सिरप से नहीं हुई?”
  • “अगर सिरप में गड़बड़ी नहीं थी तो उसकी कंपनी की दवाओं पर बैन क्यों लगा?”

10 दिन का अल्टीमेटम- आंदोलन की चेतावनी

संघर्ष समिति ने भी सरकार को 10 दिनों की मोहलत दी है।
अगर इस दौरान पोस्टमार्टम और जांच की कार्रवाई नहीं हुई, तो

  • जयपुर में श्रद्धांजलि सभा होगी,
  • और अगले ही दिन से राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

समिति ने कहा- “हम नित्यांश के पिता को आगे रखकर यह मामला अदालत तक ले जाएंगे। बच्चों की मौत पर अब कोई लीपापोती नहीं होने देंगे।”

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!